आधुनिक मशीनों से होगी आंखों की जांच
मोतियाबिंद का ऑपरेशन भी रहेगा पूरी तरह निःशुल्क
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। जिला अंधता निवारण समिति, अल्मोड़ा के तत्वावधान में श्री बाबा हैड़ाखान चैरिटेबल एंड रिसर्च हॉस्पिटल, चिलियानौला (रानीखेत) द्वारा 22 जुलाई 2026 (बुधवार) को सुयालबाड़ी में एक विशाल निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर का आयोजन मेन बाजार, सुयालबाड़ी में प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक होगा।

शिविर का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम आधुनिक मशीनों की सहायता से आंखों की विस्तृत जांच करेगी तथा आवश्यकता अनुसार आगे के उपचार की भी व्यवस्था की जाएगी।

मोतियाबिंद मरीजों के लिए विशेष सुविधा
शिविर में जिन मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि होगी, उन्हें उसी दिन श्री बाबा हैड़ाखान हॉस्पिटल, चिलियानौला (रानीखेत) ले जाने की निःशुल्क व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल में लेंस सहित मोतियाबिंद का ऑपरेशन भी पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
कम कीमत में मिलेगा चश्मा
शिविर में जांच के बाद जरूरतमंद लोगों को सिर्फ 150 रुपये में चश्मा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
आयुष्मान कार्ड एवं आधार कार्ड साथ लाएं
आयोजकों ने अपील की है कि मोतियाबिंद ऑपरेशन अथवा अन्य चिकित्सा सुविधा का लाभ लेने वाले मरीज अपने साथ आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड तथा मोबाइल नंबर अवश्य लेकर आएं, ताकि आवश्यक औपचारिकताएं आसानी से पूरी की जा सकें।
संपर्क करें
शिविर से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति निम्न नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं—
- कै. रघुवर सिंह मेहरा – 9536249813, 7302169236
- बी. एस. रावत – 7055664126, 8006112008
स्थानीय सहयोग
इस जनहितकारी शिविर के सफल आयोजन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहेगा। स्थानीय समन्वय की जिम्मेदारी प्रधान दीपक सुयाल, मदन मोहन सुयाल, उपप्रधान जयंत नेगी तथा सरपंच श्रीमती कुसुम लता सुयाल सहित अन्य सहयोगियों द्वारा निभाई जा रही है।
जनहित में अपील
यदि आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को धुंधला दिखाई देता है, मोतियाबिंद की समस्या है, आंखों में लगातार जलन, दर्द या कम दिखाई देने की शिकायत है, तो इस निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का अवश्य लाभ उठाएं। समय पर जांच और उपचार से आंखों की रोशनी सुरक्षित रखी जा सकती है।



