अल्मोड़ा: डेढ़ दर्जन सड़कों में मलबे ने रोके वाहनों के चक्के, यात्रियों की फजीहत

✍️ रोडवेज की कई सेवाएं रहीं प्रभावित, अल्मोड़ा डिपो को हजारों का घाटा ✍️ बारिश ने बढ़ाई दुश्वारियां, कई जगह दिखाया नुकसान सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा:…

पहाड़ में बारिश और मुश्किल में यात्री

✍️ रोडवेज की कई सेवाएं रहीं प्रभावित, अल्मोड़ा डिपो को हजारों का घाटा
✍️ बारिश ने बढ़ाई दुश्वारियां, कई जगह दिखाया नुकसान

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: पिछले दिनों से लगातार हो रही बारिश से जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। लोग दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं। मकानों व रास्तों को क्षति पहुंचने की खबरें भी आने लगी हैं। बारिश से जिले में करीब 19 सड़कें बाधित चल रही हैं। इससे कई गांवों के लोगों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटा है। बस संचालन प्रभावित चल रहा है। गत रविवार को रोडवेज की सेवाएं ठप रखी गईं और सोमवार सुबह भी अल्मोड़ा से रोडवेज की लंबी रुट की कोई बस नहीं चली। इस बीच अकेले अल्मोड़ा डिपो को ही करीब 80 हजार रुपये का घाटा होने का अनुमान है। यात्री या तो गंतव्य को निकल नहीं पा रहे या फिर बड़ी फजीहत में सफर कर रहे हैं।

क्षेत्र में लगातार बारिश नुकसानदेह साबित होने लगी है। नगर समेत ग्रामीण अंचलों से मकानों में दरारें आने, क्षति पहुंचने, आंगन की दीवारें, रास्तों में टूटफूट होने व भू—कटाव होने शिकायतें आने लगी हैं। यहां खत्याड़ी व त्यूनरा समेत ग्रामीण क्षेत्रों से ऐसी खबरें हैं। इधर सीवर लाइन बिछने के बाद से चर्चा में चल रहे रानीधारा क्षेत्र में लोग भयभीत हैं। जहां बारिश में लगातार पानी व मलबा घरों में घुसने का खतरा लगातार बना है। सड़कें बाधित होने तथा जगह—जगह चट्टानें खिसकने से यात्रियों को जानमाल के खतरे का भय बना है। जिले में अब तक 19 सड़कें जगह—जगह मलबा गिरने से बाधित चल रही हैं। जिन्हें खोलने के प्रयास चल रहे हैं। पिछले 24 घंटों में अल्मोड़ा जिले में सर्वाधिक 122 एमएम बारिश जैंती क्षेत्र में रिकार्ड की गई है जबकि सबसे कम बारिश 0.5 एमएम बारिश सल्ट क्षेत्र में हुई। जिले की बड़ी नदियां कोसी व रामगंगा उफान पर हैं।

भारी वर्षा ने सड़कों में अवरोध खड़े कर दिए हैं। जिससे वाहनों का संचालन प्रभावित है। इसका खामियाजा यात्री फजीहत के रुप में झेल रहे हैं। सड़क संपर्क कटने के कारण कई गांवों के लोग अपने कार्यवश तहसील या जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच सके। गत शनिवार शाम अल्मोड़ा से लंबे रुट पर निकली रोडवेज की कुछ बसें क्वारब के आसपास से वापस लौट आई। इससे यात्रियों की बड़ी फजीहत हुई। कई यात्रियों को रात होटलों में शरण लेनी पड़ी, जिससे उनकी जेब ढीली हुई।

यहां रोडवेज के एआरएम विजय तिवारी के अनुसार रोडवेज की सेवाएं ​इस बीच प्रभावित चल रही हैं। आज सोमवार सुबह दिल्ली, देहरादून, हरिद्धार व टनकपुर की बसें संचालित नहीं हो सकीं। गत दिवस रोडवेज लंबी दूरी की सभी सेवाएं बंद रखी गईं। एआरएम ने बताया कि इस बीच बारिश से पड़े प्रभाव के कारण अकेले अल्मोड़ा डिपो को 80 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान है। यहां केमू के इंचार्ज बीसी चंदोला ने बताया कि मार्ग अवरुद्ध होने से तीन दिन से रामनगर जाने वाली बसें रद्द हैं और हल्द्वानी के लिए बसें संचालित हैं, मगर खैरना रुट बाधित होने से बसों को रामगढ़ रुट से चलाया जा रहा है। इस कारण यात्रियों को हल्द्वानी जाने के लिए 23 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ है, जिसमें 47 रुपया प्रति यात्री अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है। इधर टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष शैलेंद्र​ तिलारा ने बताया कि अल्म़ोड़ा से हल्द्वानी टैक्सियां रामगढ़ के रास्ते चलाई जा रही हैं। लंबा रुट होने के कारण यात्रियों से अतिरिक्त किराया लेना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस रुट से प्रति सवारी 600 रुपये किराया है, जबकि खैरना रुट से यह किराया 400 रुपये लिया जाता है।

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