Hippo Attack : लखनऊ के चिड़ियाघर में हिप्पो के हमले में कर्मचारी की मौत

Hippo Attack In Lucknow Zoo : उत्तर प्रदेश की राजधानी में आज एक बेहद दर्दनाक हादसे में हिप्पो (Hippopotamus) के हमले में प्राणी उद्यान के…

लखनऊ के चिड़ियाघर में हिप्पो के हमले में कर्मचारी की दर्दनाक मौत

Hippo Attack In Lucknow Zoo : उत्तर प्रदेश की राजधानी में आज एक बेहद दर्दनाक हादसे में हिप्पो (Hippopotamus) के हमले में प्राणी उद्यान के एक कर्मचारी की मौत हो गई। वहीं उनके साथी को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया है। यह हादसा तब हुआ जब वह चिड़ियाघर में स्थित हिप्पो के बाड़े की नियमित सफाई करने अपने एक सहयोगी के साथ घुसे थे।

A hippopotamus attacked and killed a staffer of Lucknow zoo :

CNE DESK/लखनऊ प्राणी उद्यान में आज सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब​ एक आक्रमक हिप्पो ने बाड़े में सफाई करने घुसे कार्मिकों पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में चिड़ियाघर के कर्मचारी संभल भी नहीं पाये और एक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरा घायल है। यह हिप्पो कुछ रोज पहले ही कानपुर से लाया गया था।

मृतक सूरज का फाइल फोटो
मृतक सूरज का फाइल फोटो

प्राप्त जानकारी के अनुसार आज प्रात: 10 बजे लखनऊ चिड़ियाघर में सूरज व राजू सफाई करने के लिए हिप्पो के बाड़े में घुसे थे। तभी एक हिप्पो ने उन पर हमला बोल दिया। हिप्पो के हमले में सूरज की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि मृतक लगभग 12 साल से चिड़िया घर में सफाई का कार्य करता था। वह इस बारे में अच्छी तरह जानता था कि हिप्पो कितने खतरनाक होते हैं। इसके बावजूद एक जरा सी लापरवाही उसे बहुत भारी पड़ गई। मृतक के परिवार में एक बेटी व पत्नी है। वह 5 हजार 500 रुपये महीने की तनख्वाह पर चिड़िया घर में काम कर रहा था। सूरज कंपवेल रोड बरौरा थाना ठाकुरगंज का निवासी था।

इधर इस मामले में चिड़िया घर की निदेशक अदिति शर्मा ने कहा कि हर सोमवार को प्रत्येक बाड़े में सफाई का काम चलता है। आज भी यह कार्य चल रहा था। जैसे ही कर्मचारी हिप्पो के बाड़े में घुसे उसने तत्काल हमला बोल दिया। उन्होंने बताया कि सूरज को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका।

हमलावर हिप्पो के बारे में डिटेल

चिड़ियाघर स्टॉफ के अनुसार यह हिप्पो यानी दरियाई घोड़ा एक मादा है। जिसका नाम इंद्रा रखा गया है। इसे कानपुर से लखनऊ चिड़ियाघर में शिफ्ट किया था। कई दिन इंद्रा आइसोलेशन में रही। फिर इसे बाड़े में शिफ्ट कर दिया गया था। अब दोबारा इस हिप्पो को फिर आइसोलेशन में रखा गया है और इसके व्यवहार की जांच की जा रही है।