सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर थुणाई-मिहीनिया मोटर मार्ग का मलबा खेतों में डाला जा रहा है। जिसके कारण काश्तकारों की फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने लोनिवि से मलबे को समतल करने और अधूरी दीवार का निर्माण पूरा करने की मांग की है।
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थुणाई के काश्तकारों ने गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के कारण थुणाई-महिनिया मोटर मार्ग 28 अक्टूबर 2019 बंद हो गया था। गिरेछीना मोटर मार्ग पर गोमती पुल से लगभग दो किमी दूर द्वारिकाछीना मंदिर के पास भारी भूस्खलन हुआ। जिसके कारण मोटर मार्ग बंद हो गया। लोनिवि ने बंद सड़क को खोला और मलबा नाप भूमि में डंप कर दिया।
जून 2020 तक थुणाई-महिनीया मोटर मार्ग पूरी तरह बंद रहा। लोनिवि ने नदी की तरफ नौ मीटर ऊंची दीवार लगाई और नाप खेतों में मिट्टी डाल दिया। मिट्टी को समतल करने का आश्वासन दिया। लेकिन अभी तक खेतों में डंप मिट्टी को समतल नहीं किया गया है। लगभग पांच सौ गाड़ी मिट्टी डंप है। जिससे बारिश होने पर भूस्खलन का खतरा फिर पैदा हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से लोनिवि को दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। इस दौरान जानकी कार्की, अनिल सिंह कार्की आदि मौजूद थे।