युवा कल्याण गेस्ट हाउस में भी पकड़ी गईं अनियमितताएं
सीएनई रिपोर्टर, भीमताल। नैनीताल जिले में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविन्द कुमार पाण्डे ने शुक्रवार को भीमताल स्थित विकास भवन के विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विभागों में कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए, जबकि कुछ कर्मचारी कार्यालय में मौजूद होने के बावजूद उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं कर पाए थे। सीडीओ ने सभी संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान लघु सिंचाई विभाग में वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक उमेश कुमार तथा वाहन चालक गौतम कुमार बिना पूर्व स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए।
बाल विकास विभाग में वरिष्ठ सहायक कृपाल सिंह राणा, सांख्यिकी सहायक वरुण कुमार तथा वाहन चालक कैलाश बेलवाल भी बिना अनुमति अनुपस्थित मिले।
इसी प्रकार पंचायतीराज विभाग में वरिष्ठ सहायक प्रकाश चन्द्र और कनिष्ठ सहायक रश्मी बाला तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कार्यरत हेमा आर्य (पीआरडी) भी बिना अवकाश आवेदन के अनुपस्थित पाई गईं।
समाज कल्याण विभाग में उपस्थिति रजिस्टर में नहीं मिले हस्ताक्षर
निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग में एक अलग प्रकार की अनियमितता सामने आई। यहां वरिष्ठ सहायक राहुल कुमार, कनिष्ठ सहायक अनुज कुमार तथा कंप्यूटर ऑपरेटर मंजू जोशी कार्यालय में मौजूद तो मिले, लेकिन उपस्थिति पंजिका में उनके हस्ताक्षर दर्ज नहीं पाए गए। सीडीओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
उद्यान एवं युवा कल्याण विभाग में भी मिली लापरवाही
मुख्य उद्यान अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में वरिष्ठ सहायक राहुल भट्ट, मुख्य सहायक ज्ञानेंद्र पांडे, वाहन चालक धर्मेंद्र सिंह तथा सहायक विकास अधिकारी निर्मला भंडारी अनुपस्थित पाए गए।
वहीं युवा कल्याण विभाग में नवीनचंद्र (पीआरडी), ललित कुमार (पीआरडी) तथा अश्विनी कुमार (प्रशासनिक अधिकारी) भी बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित मिले।
सीडीओ ने इन सभी कर्मचारियों से तत्काल स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए और कहा कि जवाबों की समीक्षा के बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
युवा कल्याण गेस्ट हाउस में भी मिलीं गंभीर अनियमितताएं
औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने युवा कल्याण विभाग के गेस्ट हाउस का भी निरीक्षण किया। यहां विभिन्न अभिलेखों, आगंतुक रजिस्टर तथा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर कमियां सामने आईं।
निरीक्षण में पाया गया कि गेस्ट हाउस में दो व्यक्तियों के ठहरने का रिकॉर्ड तो उपलब्ध था, लेकिन विजिटर रजिस्टर में उनका कोई अंकन दर्ज नहीं था। इस पर सीडीओ ने जिला युवा कल्याण अधिकारी से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा और विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कक्ष आवंटन के लिए बनेगी समिति
गेस्ट हाउस में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी ने परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला विकास अधिकारी तथा जिला युवा कल्याण अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति सक्षम स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद गेस्ट हाउस के कक्षों के आवंटन की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित करेगी।
रखरखाव और व्यवस्थाओं पर दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने गेस्ट हाउस के रख-रखाव, साफ-सफाई, अभिलेख संधारण तथा समस्त व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
इस औचक निरीक्षण के बाद विकास भवन स्थित विभिन्न विभागों में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



