97.8% अंकों के साथ बने टॉपर
कैंपस स्कूल पंतनगर का परीक्षाफल रहा शत-प्रतिशत
अक्षिता सिंह ने 99.2% अंक पाकर क्षेत्र को किया गौरवान्वित
CNE REPORTER, पंतनगर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में उत्तराखंड के मेधावियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पंतनगर स्थित कैंपस स्कूल के छात्र शुभम जोशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 97.8 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। शुभम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्कूल प्रबंधन और उनके परिवार में खुशी की लहर है।

कैंपस स्कूल, पंतनगर: मेधावियों की लंबी कतार
कैंपस स्कूल के लिए यह गौरव का क्षण है क्योंकि विद्यालय का परिणाम इस वर्ष शत-प्रतिशत रहा। शुभम जोशी के शीर्ष स्थान पर रहने के साथ-साथ अन्य छात्रों ने भी बेहतरीन अंक प्राप्त किए हैं:
- शुभम जोशी: 97.8% (टॉपर)
- सानवी श्रीवास्तव: 96.4%
- उत्कर्ष सती: 96.4%
- चेतन देओलाल: 96.2%
- शिवांश सिंह पंवार: 96.0%
- गौरव सिंह नेगी: 96.0%
- सेजल पाठक: 95.8%
विद्यालय के कुल 36 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता को साबित किया है। इस शानदार उपलब्धि पर प्रधानाचार्या एवं विद्यालय प्रबंधन ने सभी मेधावियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
जशपुर और दिनेशपुर में भी प्रतिभा का डंका
सिर्फ पंतनगर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी प्रेरक सफलता की कहानियाँ सामने आई हैं:
1. जशपुर की अक्षिता ने रचा इतिहास: जशपुर स्थित जैनिसिस इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा अक्षिता सिंह ने 99.2% अंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र में बाजी मारी है। अक्षिता मूल रूप से ठाकुरद्वारा के ग्राम जयनगर की निवासी हैं। उनके पिता एक किसान हैं और माता गृहिणी हैं। अक्षिता की इस सफलता से पूरे गांव में जश्न का माहौल है। इसी स्कूल के मोरध्वज ने 99% और अगम्या चौहान ने 97.2% अंक प्राप्त किए।
2. होली कृष्णाज कॉलेज, दिनेशपुर का शानदार प्रदर्शन: दिनेशपुर के होली कृष्णाज कॉलेज की छात्रा भूमिका गाइन ने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय का मान बढ़ाया है। स्कूल प्रबंधक संदीप यादव ने बताया कि कुणाल मंडल और श्रेया ने भी 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेहनत का फल प्राप्त किया है।
शिक्षक और माता-पिता की मेहनत लाई रंग
सभी विद्यालयों के प्रबंधन ने मेधावियों को सम्मानित करने की घोषणा की है। शिक्षकों का मानना है कि छात्रों की निरंतर मेहनत और माता-पिता के सहयोग के कारण ही एआई (AI) और डिजिटल युग की चुनौतियों के बीच छात्रों ने इतने उत्कृष्ट अंक हासिल किए हैं।


