करुणा और सेवा का दिया संदेश
बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता पर विशेष चर्चा
CNE REPORTER, बागेश्वर। जनपद में इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, सादगी और सामाजिक सरोकारों के मेल के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। नगर क्षेत्र में आयोजित विशेष कार्यक्रम के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन मूल्यों, उनके महान आदर्शों और कालजयी उपदेशों को याद किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शांति, करुणा और मानवता के वैश्विक संदेश को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भगवान बुद्ध के चित्र पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।



दीप प्रज्वलन के पश्चात आयोजित गोष्ठी में विभिन्न वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि बुद्ध द्वारा प्रतिपादित अहिंसा, सत्य, करुणा और मध्यम मार्ग के सिद्धांत आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे युग में और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। चर्चा के दौरान यह तथ्य उभरकर सामने आया कि वर्तमान समय में जब समाज में असहिष्णुता और मानसिक तनाव जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं, तब बुद्ध के विचार ही मानवता को सही दिशा दिखाने में सक्षम हैं। उपस्थित जनों से भगवान बुद्ध के बताए मार्ग का अनुसरण करने और आपसी भाईचारे को और अधिक सुदृढ़ करने का भावपूर्ण आह्वान किया गया।
सेवा भाव के साथ बांटी गई राहत सामग्री
इस पावन अवसर को केवल प्रवचनों तक सीमित न रखते हुए इसे सेवा कार्य से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजकों द्वारा जरूरतमंद और असहाय लोगों के बीच खाद्य सामग्री सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि बुद्ध का दर्शन केवल सिद्धांतों में नहीं बल्कि व्यवहार में होना चाहिए, और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य है। इस पहल के माध्यम से समाज में परोपकार और सेवा की भावना को जागृत करने का प्रयास किया गया ताकि भगवान बुद्ध की करुणा का संदेश धरातल पर भी दिखाई दे।
शांति और प्रेम के प्रसार का लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के समापन सत्र में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने भगवान बुद्ध के दिखाए मार्ग पर अडिग रहने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में समाज में शांति, प्रेम, सद्भाव और करुणा का वातावरण निर्मित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। आयोजकों ने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा ताकि सामाजिक एकजुटता बनी रहे।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से किशन सिंह मालडा, रमेश पर्वतीय, संजय कुमार टम्टा, घनश्याम पाठक, संजय कुमार, गोविंद मर्तोलिया और हरीश कालाकोटी उपस्थित रहे। इनके साथ ही भरत साह, धीरज नगकोटी, किरन राम, गोकुल चंद, सुनील कांडपाल, विमला देवी, कुंदन लाल, गोपाल राम, हरीश राम, हेमलता, अर्जुन देव और रेखा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध जन मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।


