राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर शिक्षा के क्षेत्र में सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे अब अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। ताज़ा मामले में, जनपद बागेश्वर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय शामा पन्याली के छात्रों ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। विद्यालय के छात्र हार्दिक कोरंगा ने जिले की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।


कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयोजित इस परीक्षा में हार्दिक कोरंगा ने 100 में से 96 अंक प्राप्त कर जनपद में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। वहीं, इसी विद्यालय के एक अन्य प्रतिभावान छात्र देवेंद्र मर्तोलिया ने 60 अंकों के साथ ST (अनुसूचित जनजाति) कैटेगरी में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।
सफलता का ‘हैट्रिक’ स्कूल
शामा पन्याली विद्यालय केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विष्णु दत्त जोशी ने गर्व के साथ बताया कि इस वर्ष विद्यालय का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है:
- सैनिक स्कूल: विद्यालय के 5 बच्चों ने प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की (जिसमें हार्दिक ने 71वीं रैंक हासिल की)।
- जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV): कुल 7 बच्चों ने परीक्षा पास की (हार्दिक यहाँ भी 5वीं रैंक पर रहे)।
- राजीव गांधी नवोदय: जिले में प्रथम स्थान।
प्रधानाध्यापक ने इस सफलता का श्रेय विद्यालय स्टाफ के समर्पण, कुशल मार्गदर्शन, उचित शैक्षणिक वातावरण और अभिभावकों के निरंतर सहयोग को दिया है।
बीईओ कपकोट ने जताई खुशी
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कपकोट, डॉ. चक्षुष्पति अवस्थी ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा:
“अभी तक आमतौर पर मॉडल स्कूल कपकोट के बच्चे ही प्रवेश परीक्षाओं में टॉपर रहते थे। लेकिन इस बार शामा पन्याली जैसे ग्रामीण विद्यालय के बच्चों ने जिले में प्रथम रैंक लाकर एक नई मिसाल पेश की है। यह शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के अथक परिश्रम का ही सुखद परिणाम है।”
बधाइयों का तांता
ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर जिला स्तर पर टॉप करने की इस उपलब्धि ने अन्य सरकारी स्कूलों के लिए भी प्रेरणा का कार्य किया है। हार्दिक और देवेंद्र की इस सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने सभी चयनित बच्चों और उनके गुरुजनों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।


