HomeUttarakhandBageshwarसाहसिक प्रेरणादायी पहल: सिरानी गांव में नहीं चलेंगे मादक पदार्थ!

साहसिक प्रेरणादायी पहल: सिरानी गांव में नहीं चलेंगे मादक पदार्थ!

⇒ बागेश्वर जिले के लाहुरघाटी के सिरानी गांव के ग्रामीणों का सामूहिक निर्णय
⇒ नशा मुक्त गांव का बोर्ड लगाया, 20 हजार रुपये के अर्थदंड का प्राविधान

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सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: जहां एक ओर देवभूमि में नशाखोरी चिंता का कारण बनी हैं, वहीं ऐसे में बागेश्वर जिले में लाहुरघाटी के दूरस्थ गांव सिरानी के ग्रामीणों ने प्रेरणादायी पहल शुरू कर दी है। पहल के मुताबिक गांव में शराब व अन्य मादक पदार्थों का वितरण व इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया है। ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि गांव में किसी भी शुभ या अशुभ कार्य में शराब नहीं परोसी जाएगी। इतना ही नहीं बकायदा पकड़े जाने पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड देना होगा। अब तो गांव में ‘नशा मुक्त गांव’ का बोर्ड लगा दिया है।

दरअसल, देवभूमि में मादक पदार्थों का कारोबार काफी फल-फूल रहा है। ऐसे में युवा पीढ़ी पर पड़ रहा विपरीत असर चिंताजनक बना है। इसी बात से चिंति​त सिरानी गांव के ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रेरणादायी संदेश दे डाला है। गांव की महिलाओं, पुरुषों व युवाओं ने एकजुट होकर बैठक की और इस बात पर चिंतन-मनन किया। मंथन के बाद गांव में सार्वजनिक कार्यों में शराब व अन्य मादक पदार्थों के इस्तेमाल व वितरण पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया। संकल्प लिया कि गांव के किसी भी शुभ-अशुभ कार्य में शराब नहीं परोसी जाएगी।‌ इसमें खास बात यह है​ कि गांव के जागरूक युवाओं ने इस पहल की शुरुआत की है। युवाओं का कहना है कि उनके गांव में नशाखोरी बढ़ रही है और नशे के कारण गांव में होने वाले कार्यों में कई तरह की बाधाएं आ रही हैं। यहां तक कि विवाह जैसे शुभ कार्यों में खलल पड़ रहा है। वहीं पुरूषों व महिलाओं ने कहा कि इससे धन की बर्बादी हो रही है और गांव का माहौल बिगड़ रहा है।वहीं नई पीढ़ी पर बुरा असर पड़ रहा है। तय किया है कि इस ​फैसले का गांव में कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इसके लिए महिलाओं और पुरुषों के दो समूह बनाए गए हैं। इन समूहों में पांच-महिलाएं और पांच पुरुष हैं। कोई भी परिवार यदि शुभ-अशुभ कार्यों के अवसर पर नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो पर बीस हजार रूपये दंड का प्राविधान रखा गया है।

गांव के निवासी एवं नवोदित पत्रकार ललित तुलेरा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत गांव के किसी भी व्यक्ति के निजी जीवन की गरिमा का ध्यान रखा गया है, जिससे किसी भी व्यक्ति का निजी जीवन प्रभावित नहीं होगा। इस पहल के तहत कोई भी व्यक्ति अपने शुभ-अशुभ कामों, सार्वजनिक कार्यों में नशे का इस्तेमाल या वितरण नहीं करेगा। बकायदा युवाओं ने गांव के प्रवेश द्वार पर नशा मुक्त गांव का बोर्ड लगा दिया है। उक्त बैठक में बलवंत तुलेरा, कमल तुलेरा, देवकी देवी, दीपा देवी, विनोद तुलेरा, भावना तुलेरा, भूपाल तुलेरा, दिलवर तुलेरा, नीमा देवी, वीरेन्द्र सिंह, शिव सिंह, अंजू देवी सहित अनेक युवा, बुजुर्ग, महिला और पुरुष उपस्थित थे।

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