सुयालबाड़ी/अल्मोड़ा। यहां नैनीपुल के निकटवर्ती तमाम वन्य क्षेत्र गत रात्रि से भीषण आग की लपटों में घिर गये हैं। यह आग सैंज व डटवालगांव रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई थी, लेकिन ग्रामीणों के अथक प्रयास से इसे रिहायशी इलाकों तक पहुंचने से फिलहाल रोक दिया गया है। इसके बावजूद जिस तरह से भीषण आग में यह तमाम जंगल झुलस रहे हैं उसको देखते हुए अभी भी खतरा बना हुआ है। इस अग्निकांड में बेशकमती वन संपदा आग की भेंट चढ़ गयी और कई वन्य जीव आग में झुलस गये हैं। इधर ग्रामीणों का कहना है कि वह गत रात्रि से ही आग को बुझाने में जुटे रहे, लेकिन हवा के साथ आग लगातार फैल रही है। यह आग कैसे लगी, इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ पता नही चल पाया है, लेकिन चर्चा यह भी है कि दीपावली के दौरान हुई आतिशबाजी इसका कारण हो सकता है। अलबत्ता समाचार लिखे जाने तक अल्मोड़ा से अग्निशमन दल का वाहन और वन महकमे से कोई वहां नही पहुंचा था, जबकि वनाग्नि के बीच उठते धुएं के गुबार का यह नजारा कई किमी दूर से दिखाई दे रहा है।

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