लालकुआं पुलिस ने मुख्य आरोपी आशिक अली को दबोचा
मोबाइल से शुरू हुआ संपर्क, ब्लैकमेलिंग तक पहुंचा मामला
CNE REPORTER, लालकुआं। एक महिला… जो शायद अपने ही घर की चारदीवारी में ब्लैकमेलिंग के उस खौफ से जूझ रही थी, जिसका दर्द वह किसी को खुलकर बता भी नहीं पा रही थी। मोबाइल फोन से शुरू हुआ संपर्क कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो तक पहुंचा और फिर इन्हीं के जरिए ब्लैकमेलिंग का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसने महिला को मानसिक रूप से इस कदर तोड़ दिया कि आखिरकार उसने 6 अगस्त 2026 को फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
विवाहिता की मौत के बाद सामने आई शिकायत ने पूरे मामले को झकझोर कर रख दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला को ब्लैकमेल करके मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। अब लालकुआं पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसके जरिए कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए तथा भेजे गए थे।
मोबाइल पर हुई दोस्ती, फिर ब्लैकमेलिंग का ऐसा जाल कि जिंदगी ही खत्म हो गई
ग्राम गंगापुर कबडाल, मोटाहल्दू निवासी विवाहिता की आत्महत्या के बाद उसके पिता राजेन्द्र प्रसाद निवासी मुक्तेश्वर ने थाना लालकुआं में तहरीर देकर पूरे मामले का खुलासा किया।
तहरीर के अनुसार मृतका का अपने पति के हेल्पर आशिक अली से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क था। आरोप है कि आशिक अली का महिला के घर पर भी आना-जाना था। पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने महिला को अपने विश्वास में लेकर उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए और बाद में उन्हीं के माध्यम से उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना ने महिला को भीतर तक तोड़ दिया। वह कथित तौर पर ऐसी मानसिक स्थिति में पहुंच गई, जहां उसे अपनी जिंदगी से ज्यादा उस ब्लैकमेलिंग के डर ने घेर लिया था। आखिरकार 6 अगस्त 2026 को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
एक महिला की मौत के बाद उठे इन सवालों ने पुलिस के सामने भी पूरे मामले की गंभीरता को उजागर कर दिया—क्या मोबाइल में कैद तस्वीरें और वीडियो किसी की जिंदगी पर इतने भारी पड़ सकते हैं? क्या ब्लैकमेलिंग का डर किसी इंसान को मौत के मुहाने तक पहुंचा सकता है? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशते हुए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
महिला की मौत के बाद खुलने लगी ब्लैकमेलिंग की परतें
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने केवल आत्महत्या की घटना तक जांच सीमित नहीं रखी, बल्कि महिला के मोबाइल संपर्क, आरोपी की भूमिका और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आशिक अली को मुख्य आरोपी के रूप में चिन्हित किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
वही मोबाइल बना पुलिस के हाथ बड़ा सुराग
पुलिस की कार्रवाई में आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार इसी मोबाइल फोन का प्रयोग आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाने तथा उन्हें भेजने में किया गया था।
मामले में मोबाइल की बरामदगी को पुलिस जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
पति को भी धमकी देने का आरोप, दो आरोपी अब भी फरार
मामला केवल महिला की कथित ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं है। तहरीर में मृतका के पति विजय पलड़िया को भी धमकाए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार साहिब अली और देवेश गंगवार द्वारा विजय पलड़िया को कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। इसके चलते उसके कामकाज में भी परेशानी उत्पन्न होने की बात तहरीर में कही गई है।
पुलिस अब दोनों की भूमिका की भी जांच कर रही है। धमकी से जुड़े तथ्यों और पूरे प्रकरण में उनकी संभावित संलिप्तता के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
एसएसपी के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
गंभीर मामले को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में पुलिस ने मामले के त्वरित अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की।
पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और क्षेत्राधिकारी लालकुआं विमल प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली लालकुआं बृजमोहन राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गहन जांच की।
विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में हुई कार्रवाई
थाना लालकुआं में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 108 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना चौकी प्रभारी हल्दूचौड़ अर्जुन गिरी द्वारा की जा रही है।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी
आशिक अली पुत्र मशरूफ अली, निवासी बेरहम नगर, थाना शेरगढ़, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी गुमटी, हल्दूचौड़।
फरार आरोपी
साहिब अली पुत्र भूरे शाह, निवासी बेरमनगर, थाना शेरगढ़, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश।
देवेश गंगवार, निवासी लालकुआं, जनपद नैनीताल।
आरोपी आशिक अली के कब्जे से मोबाइल फोन, जिसका प्रयोग पुलिस के अनुसार आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाने तथा भेजने में किया गया था।
मामले के खुलासे और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी हल्दूचौड़ अर्जुन गिरी, कांस्टेबल गुरमेज सिंह और कांस्टेबल कुबेर सिंह शामिल रहे।
महिला की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि ब्लैकमेलिंग का शिकार व्यक्ति किस भय और मानसिक दबाव से गुजरता है। इस मामले में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई है। अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी भूमिका की जांच पर पुलिस की नजर है।


