गैर हाजिर चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गरमपानी का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मचा दी। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे मंत्री ने अस्पताल की बदहाली और व्यवस्थाओं को देखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) नैनीताल हरीश पंत और डॉ. योगेश भी मौजूद रहे।


स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड और दवा वितरण केंद्र का मुआयना किया। उन्होंने स्वच्छता मानकों और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने तीमारदारों से भी बातचीत की और अस्पताल में मिल रहे उपचार व दवाओं की उपलब्धता के बारे में फीडबैक लिया।
निरीक्षण के दौरान कुछ गंभीर खामियां और अनुशासनहीनता पाए जाने पर मंत्री का पारा चढ़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मौके पर ही संबंधित चिकित्सक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की अनुपस्थिति या लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में कोताही पर सख्त चेतावनी
अस्पताल प्रशासन और जिले के आला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े दिशा-निर्देश
मंत्री ने सीएमओ नैनीताल को निर्देशित किया कि अस्पताल में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने अस्पताल परिसर में आवश्यक उपकरणों के रखरखाव और दवाओं के पर्याप्त स्टॉक को लेकर भी अहम गाइडलाइंस जारी कीं।


