👉 अल्मोड़ा में District Magistrate अंशुल सिंह का सख्त एक्शन: दुकानदार को सिखाया सबक
👉 चेतावनी: नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद बेचे, तो खैर नहीं


सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: कुछ नाबालिग बच्चे सिगरेट पीते दिखे और जिला मजिस्ट्रेट ने खुद मौके पर पहुंचकर बच्चों से पूछताछ की। बच्चों को अपने वाहन में बिठाकर उस दुकान में पहुंचे, जहां से उन्होंने सिगरेट खरीदी और दुकानदार को रंगेहाथों बच्चों को सिगरेट बेचते पकड़ा। डीएम ने पुलिस बुलाई और कड़ी फटकार लगाते हुए दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम का यह एक्शन चर्चाओं में है।
यह मामला आज शुक्रवार का है। दरअसल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह डायट मैदान अल्मोड़ा में चल रहे कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे, तो उनसे वहां काम कर रहे लोगों ने आसपास युवाओं व बच्चों द्वारा नशा किए जाने और नाबालिगों द्वारा खुलेआम सिगरेट पिये जाने की शिकायत की। मौके पर ही इस बात का सबूत भी मिल गया। डायट मैदान के कुछ ही दूरी पर कुछ बच्चे सिगरेट पीते दिखे। इस शिकायत को जिला मजिस्ट्रेट ने गंभीरता से लिया और उसी समय वे मौके पर पहुंचे और उन्होंने बच्चों से पूछताछ की। पूछताछ में बच्चों ने सिगरेट खरीदने के स्थान की जानकारी दी। ये बच्चे 18 साल से कम उम्र के थे।
फिर क्या था, जिलाधिकारी ने बच्चों को अपने ही वाहन में बिठाया और बच्चों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार माल रोड में शिखर तिराहे के करीब उस दुकान के समीप पहुंचे, जहां से बच्चों ने सिगरेट खरीदने की बात कही। जिलाधिकारी ने एक बच्चे को दुकान से सिगरेट खरीदने के लिए भेजा। जैसे ही दुकानदान ने बच्चे को सिगरेट बेची, तो डीएम सामने प्रकट हो गए। उन्होंने दुकानदार को रंगेहाथों नाबालिगों को सिगरेट बेचते पकड़ लिया। इसके बाद उनका पारा चढ़ गया और उन्होंने दुकानदार को जमकर फटकार लगाई। साथ ही उसी समय पुलिस को मौके पर बुलाया और दुकानदार के खिलाफ आवश्यक अग्रिम कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए। डीएम के इस एक्शन की चर्चा और प्रशंसा हो रही है।
जिलाधिकारी की सख्त हिदायत
इधर, जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी व्यापारी 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद ना बेचे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चाहे दुकानदार हो या आम नागरिक, सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि बच्चों को नशे की सामग्री से दूर रखा जाए। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल पुलिस और प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।


