सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
यूं तो प्रकृति से प्रेम की बातें अक्सर हर कोई कर लेता है, मगर जिसे प्रकृति से वास्तव में सच्चा प्रेम होता है, तो वह बाहर छलकता जरुर है और साफ दृष्टिगोचर होता है। प्रकृति से यही सच्चा प्रेम का उदाहरण भुवन भाष्कर सिंह राठौर ने प्रस्तुत किया है। जिन्होंने पेड़ विहीन जगह पर बड़े—बड़े हरियाली बिखरते पेड़ शोभायमान कर दिए।
भुवन भाष्कर सिंह राठौर अल्मोड़ा जिला मुख्यालय के लोअर माल रोड के करीब ग्रामसभा गरगूंठ भनार के पूर्व प्रधान और भाजपा हवालबाग मंडल के पूर्व अध्यक्ष हैं। उन्हें पशुओं व प्रकृति से शुरू से ही लगाव रहा है। प्रधान रहते भी उन्होंने कई ऐसे रचनात्मक कार्य किए। वर्ष 2005 में उन्हें विचार आया कि यहां लोअर माल रोड में एसएसजे कैंपस की लॉ फैकल्टी के समीप खाली पड़ी व पेड़ विहीन भूमि को हरा—भरा किया जाना चाहिए। इस जगह को वर्तमान वीर सावरकर बाजार के नाम से जाना जाता है। भुवन भाष्कर ने इस जगह पर देवदार, बांज, सिलवर ओक, पदम व पीपल आदि चौड़ी पत्ती के करीब 50 पेड़ लगाए और लगातार उनकी देखरेख की। आज यही पेड़ बड़े होकर शोभा बढ़ा रहे हैंं। साथ ही सड़क की दीवारों को टिकाए रखने में मददगार बन रहे हैं। उनका यह कार्य बेहद प्रेरणादायी है। श्री राठौर ने बताया कि वर्तमान में कुलपति बने प्रो. एनएस भंडारी शुरू से ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणा देते आए हैं और उन्हीं की प्रेरणा से उनके मन में यह विचार आया। उनका कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर किसी को व्यक्तिगत स्तर से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने पेड़ों की छाव में सड़क किनारे पैदलराहियों की सुविधा के लिए कुछ बैंच भी स्थापित किए हैं।
प्रेरणादायी: भुवन भाष्कर ने प्रस्तुत किया प्रकृति प्रेम का सच्चा उदाहरण, आज अल्मोड़ा के वीर सावरकर बाजार में शोभा बढ़ा रहे उनके हाथों लगे पेड़
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