यहां चल रही रामलीला दशम दिवस की रामलीला में रावण का अहिरावण को ध्यान करके बुलाना, अहिरावण का राम लक्ष्मण को पाताल लोक ले जाना, हनुमान जी का चिंतित होना व राम—लक्ष्मण की खोज पाताल लोक में करना, हनुमान का मकरध्वज को बांधना व राम लक्ष्मण को अहिरावण की कैद से छुड़ाना व मकरध्वज को पाताल लोक का राजा बनाना, अहिरावण वध, रावण का अशोक वाटिका में जाकर सीता को राम लक्ष्मण की झूठी खबर देना, त्रिजटा का सीता को समझाना, राम-रावण का भयंकर युद्ध होना व रावण वध, राम राज्याभिषेक आदि प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। राम के अभिनय में पंकज गैड़ा, लक्ष्मण कुणाल राणा, सीता ऋषव साह, भरत सुमित सुयाल, शत्रुघ्न कमल जोशी, हनुमान विनोद विनवाल, मकरध्वज रवि जोशी, अहिरावण देवेंद्र बिष्ट, रावण की भूमिका में हेमन्त साह रहे।
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।