🐆 नर–मादा गुलदार के साथ शावकों की मौजूदगी का भी अंदेशा
🐅 फिलहाल टाइगर की मौजूदगी के कोई प्रमाण नहीं
सीएनई रिपोर्टर | सुयालबाड़ी
नैनीताल वन प्रभाग के उत्तरी गोला रेंज क्षेत्र में इन दिनों क्वारब, सिरसा, चोपड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं (गुलदार) की बढ़ी हुई गतिविधि ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, यहां एक विशालकाय नर–मादा गुलदार का जोड़ा अपने शावकों के साथ सक्रिय है।

इन गुलदारों का आकार इतना बड़ा है कि ग्रामीण इन्हें देखकर कभी-कभी बाघ (टाइगर) समझ बैठते हैं। हालांकि, वन विभाग की जांच में अब तक टाइगर की मौजूदगी के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
📍 वन विभाग की टीम ने मौके पर की जांच
नैनीताल वन प्रभाग के अनुभाग अधिकारी बृजेश विश्वकर्मा ने वन रक्षक विपिन बिष्ट और प्लांटेशन वाचर टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया।
टीम ने इस दौरान गुलदार के आने-जाने के रास्तों की पड़ताल की और कैमरा ट्रैप की फुटेज की जांच भी की।
विश्वकर्मा ने बताया कि अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह गुलदार परिवार नरभक्षी नहीं है, बल्कि केवल पालतू पशुओं की तलाश में मानव बस्तियों के पास आ रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी चेताया कि —
“अगर किसी प्रकार की बाधा या खतरा महसूस हो तो ये इंसानों पर भी हमला कर सकते हैं।”
📸 ड्रोन फुटेज में मिला था ‘टाइगर’ जैसा दिखता गुलदार
कुछ दिनों पहले सामने आई ड्रोन फुटेज में जो जानवर टाइगर जैसा दिख रहा था, वह असल में एक पूर्ण विकसित गुलदार निकला।
विश्वकर्मा ने कहा —
“कई बार विकसित गुलदारों का आकार इतना बड़ा होता है कि वे भैंस जितने बड़े दिखाई देते हैं, जिससे लोग उन्हें टाइगर समझ बैठते हैं।”
साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल क्षेत्र में टाइगर की कोई गतिविधि नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि —
“कभी-कभी टाइगर शिकार का पीछा करते हुए नदी किनारों से पहाड़ तक आ सकते हैं, लेकिन फिलहाल यहां उनकी उपस्थिति ना के बराबर है।”
⚡ छुपने में माहिर होता है यह शिकारी
विश्वकर्मा ने तेंदुओं की दिलचस्प विशेषता बताते हुए कहा —
“तेंदुए बेहद माहिर शिकारी होते हैं। वे इंसानों को देखते ही या खुद को छुपाने के लिए अपने शरीर को इतना छोटा कर लेते हैं कि उन्हें जंगल में देख पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। स्वयं को छुपाने में ये बेहद दक्ष होते हैं।”
📢 स्थानीय ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से रात के समय अकेले आवाजाही से बचने, पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।

