➤ लंबित चल रही सात सूत्रीय मांगें, अब 11 जून से ओपीडी बहिष्कार का निर्णय

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले जिले के आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों ने अपनी सात सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पर उतरे हैं। पहले चरण में बाहों में काले फीते बांधकर विरोध दर्ज हो रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को भी चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर ओपीडी संचालित करते हुए विरोध दर्ज किया।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. एजल पटेल ने बताया कि प्रांतीय संघ के आह्वान पर चिकित्सक 10 जून तक काली पट्टी बांधकर सेवाएं देंगे। इसके बाद 11 जून को आधे दिन ओपीडी का बहिष्कार किया जाएगा, 13 जून को पूर्ण कार्य बहिष्कार होगा तथा 15 जून से राज्यभर के चिकित्सक देहरादून में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। चिकित्सकों की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष की सेवा के बाद एसीपी का लाभ प्रदान करना, अन्य चिकित्सा संवर्गों के समान सुविधाएं देना, आयुर्वेद विभाग में चिकित्सक पृष्ठभूमि के निदेशक की नियुक्ति तथा विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरना शामिल है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि विभाग में स्टाफ की भारी कमी है। कई आयुर्वेदिक चिकित्सालय फार्मासिस्टों के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि कई अस्पतालों में एकमात्र चिकित्सक पूरे संस्थान की जिम्मेदारी निभा रहा है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।


