आर्डर…आर्डर! कोई भी श्रमिक पैदल घर न जाए, दिल्ली सरकार व रेलवे करे मिलकर इंतजाम : दिल्ली हाईकोर्ट

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महासंकट के बीच जारी लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों के पैदल की घरों के लिए रवाना हो जाने की खबरों के बीच…

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महासंकट के बीच जारी लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों के पैदल की घरों के लिए रवाना हो जाने की खबरों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार और रेलवे को निर्देश दिया है कि कोई भी मजदूर पैदल घर वापस ना जाए। हाई कोर्ट ने कि सरकार इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाए और सुनिश्चित करे कि मजदूरों को पैदल ना जाना पड़े।

बता दें कि दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में इस वक्त प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने घरों की ओर निकल रहे हैं। कई शहरों से झकझोरने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट में इस मसले पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि अखबारों, टीवी पर विज्ञापन निकालें जाएं ताकि मजदूरों को पता चल सके। अदालत में रेलवे की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जब भी दिल्ली सरकार उनसे ट्रेन उपलब्ध कराने को कहेगी, हम करवा देंगे।

इस मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें प्रवासी मजदूरों के पैदल घर जाने का मुद्दा उठाया गया था। बता दें कि लॉकडाउन की वजह से देश में सबकुछ बंद है, सार्वजनिक वाहन भी नहीं चल रहे हैं। ऐसे में प्रवासी मजदूरों को घर जाने के लिए कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।