रॉयल्टी में चार गुना से अधिक बढ़ोतरी से ठेकेदारों में रोष, शासनादेश वापस लेने की मांग

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। राजकीय निर्माण कार्यों में रॉयल्टी की दरों में चार गुना से अधिक बढ़ोतरी किए जाने के विरोध में हिल्स कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन, पांडेखोला अल्मोड़ा से जुड़े ठेकेदारों ने आवाज उठाई है। एसोसिएशन की ओर से इस संबंध में अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंपकर शासनादेश पर पुनर्विचार करने और पूर्व की भांति रॉयल्टी की दरें लागू करने की मांग की गई है।


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ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड शासन ने राजकीय निर्माण कार्यों में पहले की तुलना में रॉयल्टी की दरों में भारी बढ़ोतरी की है। इससे निर्माण कार्यों की लागत बढ़ने के साथ ठेकेदारों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। एसोसिएशन का कहना है कि रॉयल्टी की बढ़ी हुई दरों के कारण ठेकेदारों के देयकों से बड़ी धनराशि की कटौती की जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

ज्ञापन के अनुसार, रॉयल्टी की दरों में पहले तीन गुना और उसके बाद चार गुना के समतुल्य धनराशि की वसूली की व्यवस्था किए जाने से ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एसोसिएशन ने कहा कि छोटे ठेकेदारों के लिए इस अतिरिक्त भार को वहन करना मुश्किल हो रहा है। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने के साथ ही निर्माण कार्यों को सुचारु रूप से पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

एसोसिएशन ने यह भी चिंता जताई कि रॉयल्टी की बढ़ी हुई दरों के कारण ठेकेदार संघ के सदस्य लगातार आर्थिक दबाव में आ रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों की प्रगति और विकास योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

ठेकेदारों ने शासन से मांग की है कि संबंधित शासनादेश पर पुनर्विचार करते हुए रॉयल्टी की दरें पूर्व की भांति निर्धारित की जाएं, ताकि ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और विकास कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

ज्ञापन सौंपने वालों में विनोद वैष्णव, गौरव कांडपाल, राजेंद्र सिंह नेगी, ललित मोहन, भानु पांडे, चंदन मेर, गोपाल सिंह बिष्ट, हर्ष सिंह पिलख्वाल, गौरव वर्मा, भरत सिंह अधिकारी, विपिन बिष्ट, शंकर सिंह गैड़ा, जगदीश पांडे, ललित मेहता आदि संगठन के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

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