╰┈➤ रावण कुल के कलात्मक व विशालकाय पुतले बने कौतूहल, भव्य जुलूस निकला
╰┈➤ राम की झांकी पर पुष्पवर्षा, सैलानियों ने भी जमकर उठाया लुत्फ
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सांस्कृतिक नगरी के नाम से प्रसिद्ध अल्मोड़ा नगर में मंगलवार को दशहरा महोत्सव ने धूम मचाई। दशहरा महोत्सव में शामिल रावण परिवार के विशालकाय कलात्मक पुतले आकर्षण और कौतूहल का केंद्र बने रहे। कलात्मक व विशालकाय करीब दो दर्जन पुतलों का बाजे गाजे के साथ भव्य जुलूस निकला। हजारों लोगों ने इस महोत्सव का भव्य नजारा देखा और लोग पुतलों के साथ फोटो व वीडियो सूट करते रहे। दशहरा महोत्सव में संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली।
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आज मंगलवार को परंपरानुसार नगर की विभिन्न पुतला समितियां अपने-अपने पुतले लेकर माल रोड में शिखर तिराहे के समीप पालिका कॉम्प्लेक्स के निकट पहुंचे। पुतलों का इस जगह पर एकत्रित होने का सिलसिला दोपहर करीब एक बजे से शुरू हुआ और एक-एक सभी पुतले इस स्थान पर पहुंचे। दशहरा महोत्सव समिति के बैनर तले पुतलों के जुलूस के उद्घाटन हुआ और जुलूस आरंभ हुआ। जुलूस शनै:-शनै: डेढ़ किमी लंबी मुख्य बाजार होते हुए आगे बढ़ा। जुलूस में वाद्य यंत्रों के साथ खूब नाच—गाना हुआ। पुतला समितियों की युवा टोलियां ढोल-मजीरे व बैंड-बाजों की धुनों पर अपने-अपने पुतलों के साथ जमकर थिरकते निकले। जुलूस के पीछे—पीछे असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक स्वरूप भगवान राम, लक्ष्मण व सीता की मनोहारी झांकी निकली। नगर के बच्चे, बूढ़े व महिला—पुरुष हजारों की तादाद में जुलूस देखने उमड़ पड़े। बाजार मार्ग के दोनों ओर ही नहीं बल्कि घरों व भवनों के छतों में दर्शकों का जमावड़ा रहा। भारी भीड़ के कारण बाजार में निकलना मुश्किल हो गया।

विभिन्न पुतला निर्माण समितियों ने रात दिन कड़ी मेहनत से रावण, ताड़िका, मेघनाद, खर, दूषण, मारीच, देवांतक, शुंभासर, कालकेतु, कराल, मकरासुर, त्रिसरा, देवांतक, मकराक्ष, अक्षय कुमार, वीरत, धूमकेतु समेत रावण कुल के विभिन्न पुतले तैयार किए, जो जुलूस में शामिल रहे। पुतलों के जुलूस के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, मेयर अजय वर्मा, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल व गोविंद सिंह पिलख्वाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी समेत कई गणमान्य लोग एवं दशहरा महोत्सव समिति के पदाधिकारी शामिल रहे। पुतला देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी। देर रात जबर्दस्त आतिशबाजी के साथ पुतलों का जूलॉजी मैदान में दहन किया जा रहा है।
पूरे में नामी हैं अल्मोड़ा के कलात्मक पुतले
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में दशहरा महोत्सव की परंपरा दशकों पुरानी है। यहां के कलात्मक पुतले पूरे देशभर में मशहूर हैं। स्थानीय हुनरमंद कई दिनों की मेहनत से इन्हें स्वयं तैयार करते हैं। जो सजीवता को दर्शाते हैं। देश में मैसूर व कुल्लू मनाली के बाद दशहरा महोत्सव में अल्मोड़ा का तीसरे नंबर पर माना जाता है।










