SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में नैनीताल पुलिस और PWD की टीम ने परखी संभावनाएं
तकनीकी पहलुओं और निर्माण की चुनौतियों का किया आकलन
CNE REPORTER, नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुगम निकासी को लेकर वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में मंदिर के समीप नदी की ओर एक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की संभावनाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस प्रस्तावित मार्ग का उद्देश्य दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं की आवाजाही को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में मदद करना है।

निरीक्षण के दौरान नैनीताल पुलिस और लोक निर्माण विभाग (PWD) की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित मार्ग के विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। टीम ने मार्ग के संभावित निर्माण, उसे आवागमन के लिए खोले जाने की व्यवहारिकता, निर्माण प्रक्रिया में आने वाली संभावित बाधाओं तथा आवश्यक तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। निरीक्षण के आधार पर PWD की ओर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को प्रेषित किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
श्रद्धालुओं की निकासी को व्यवस्थित बनाने पर जोर
कैंची धाम में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच दर्शन के बाद उनकी निकासी को सुगम बनाना और भीड़ को व्यवस्थित रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय है। विशेष रूप से अधिक भीड़ वाले दिनों में आवागमन को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग जैसी व्यवस्थाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मंदिर के समीप नदी की ओर प्रस्तावित कंटीजेंसी रूट की संभावनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस मार्ग की व्यवहारिकता का आकलन करते हुए यह देखने का प्रयास किया गया कि आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग श्रद्धालुओं की निकासी को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए किस प्रकार किया जा सकता है।
हालांकि, प्रस्तावित मार्ग के निर्माण और उपयोग को लेकर अंतिम निर्णय विस्तृत तकनीकी आकलन तथा संबंधित विभाग की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
SP संचार रेवाधर मठपाल के नेतृत्व में पहुंची संयुक्त टीम
प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग के निरीक्षण के लिए एसपी संचार नैनीताल रेवाधर मठपाल के नेतृत्व में पुलिस एवं लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण में क्षेत्राधिकारी भवाली विनय सिंह, कैंची धाम चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विजय कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना तथा सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित विभागीय टीम के सदस्य मौजूद रहे।
संयुक्त टीम ने प्रस्तावित मार्ग के स्थल का निरीक्षण करते हुए वहां की परिस्थितियों और निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा। पुलिस विभाग की ओर से भीड़ प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की निकासी की जरूरतों को ध्यान में रखा गया, जबकि PWD की टीम ने मार्ग के निर्माण से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं का आकलन किया।
निर्माण की संभावनाओं और तकनीकी चुनौतियों पर मंथन
निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित मार्ग को विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही मार्ग निर्माण में आने वाली संभावित कठिनाइयों, स्थल की परिस्थितियों, निर्माण की व्यवहारिकता और अन्य आवश्यक तकनीकी पहलुओं को परखा गया।
किसी भी वैकल्पिक मार्ग को उपयोग में लाने से पहले उसके निर्माण की व्यवहारिकता और सुरक्षित आवागमन की संभावनाओं का आकलन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पुलिस और PWD के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़ी आवश्यकताओं और निर्माण संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे की योजना बनाई जा सके।
PWD तैयार करेगा विस्तृत रिपोर्ट
स्थलीय निरीक्षण के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट में प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग के निर्माण की संभावनाओं, तकनीकी पहलुओं, व्यवहारिक चुनौतियों और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया जाएगा।
तैयार रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. को प्रेषित की जाएगी। रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद प्रस्तावित मार्ग को लेकर आवश्यक अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वैकल्पिक मार्ग के निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय होना शेष है।
बेहतर यातायात और भीड़ प्रबंधन की दिशा में पहल
नैनीताल पुलिस का कहना है कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना तथा प्रभावी यातायात और भीड़ प्रबंधन के माध्यम से दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाना प्राथमिकता है। इसी दिशा में वैकल्पिक मार्ग की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है।
यदि तकनीकी रिपोर्ट में प्रस्तावित मार्ग का निर्माण व्यवहारिक पाया जाता है और इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की निकासी को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक हो सकती है। इससे भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और जरूरत के अनुसार आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की संभावनाओं का भी आकलन किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए नदी की ओर प्रस्तावित कंटीजेंसी रूट का संयुक्त निरीक्षण भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब सभी की निगाहें PWD की तकनीकी रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली अगली कार्रवाई पर रहेंगी।









