3 महीने तक खाना खाया और फिर….
अल्मोड़ा (सीएनई): उत्तराखंड के देघाट क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ मदद के नाम पर घर में पनाह लेने वाले एक व्यक्ति ने ही चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला। चोर ने गरीब मजदूर का रूप धर अपनी बेबसी दिखाई और आश्रयदाताओं के विश्वास व परोपकार का फायदा उठाया।
अल्मोड़ा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से शत-प्रतिशत बरामदगी भी कर ली है।

मदद की आड़ में रची चोरी की साजिश
मामला देघाट के गंगानगर इलाके का है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़ित महिला रेनू तिवारी ने बताया कि पिछले साल अक्टूबर में ऊधमसिंह नगर (बाजपुर) निवासी रामू ठाकुर उनके पास आया था। उसने खुद को एक मजबूर मजदूर बताते हुए रहने और दो वक्त का खाना खिलाने की गुहार लगाई थी। दया दिखाते हुए महिला उसे तीन महीने तक खाना खिलाती रही।
ऐसे खुला राज
महिला को हाल ही में आरोपी की हरकतों पर शक हुआ। जब उन्होंने अपनी अलमारी की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। अलमारी से कीमती आभूषण गायब थे, जिनमें शामिल थे:
- सोने की पौंची
- अंगूठी
- कान के झुमके
- मांगटीका
शिकायत मिलते ही थानाध्यक्ष अजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी रामू ठाकुर को देघाट क्षेत्र से ही धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी किए गए सभी जेवर बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल: एसओ अजेंद्र प्रसाद के साथ एसआई गंगाराम सिंह गोला, एएसआई राजवीर सिंह, सुरेंद्र कुमार और नीरज बिष्ट ने इस सफल अनावरण में मुख्य भूमिका निभाई।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को घर में पनाह देने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करें और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन (Verification) जरूर करवाएं।

