HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: ढाई सौ अधिक विद्यालयों में शिक्षक पहुंचे, लेकिन पढ़ाया नहीं

अल्मोड़ा: ढाई सौ अधिक विद्यालयों में शिक्षक पहुंचे, लेकिन पढ़ाया नहीं

👉 राजकीय शिक्षक संघ के बैनर तले 12वें दिन भी चॉक डाउन हड़ताल जारी

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जिले के 260 हाईस्कूलों व इंटर कालेजों में 12वें दिन भी पढ़ाई ठप रही। वजह है कि पदोन्नति समेत 03 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित राजकीय शिक्षक चॉक डाउन हड़ताल पर शुक्रवार को भी अडिग रहे। राजकीय शिक्षक संघ के नेताओं ने फिर चेताया है कि यदि शासन ने मांगों की पूर्ति जल्द नहीं की, तो आंदोलन की धार तेज की जाएगी।

प्रतिदिन की तरह शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में तो पहुंचे, किंतु उन्होंने पढ़ाने का काम नहीं किया। सभी 260 शाखाओं में बैठक व प्रदर्शन कर अब तक समस्याओं का समाधान नहीं किए जाने पर कड़ा आक्रोश जताया। वक्ताओं का कहना था कि पिछले आठ सालों से शिक्षकों की पदोन्नति नहीं होने से वह एक ही पद एलटी व प्रवक्ता से सेवानिवृत्त हो रहे है। इसका असर उनके मनोबल पर पड़ रहा है। वक्ताओं का कहना था कि 18 अगस्त से तीन चरणों का आंदोलन हो जाने के बाद भी सरकार अब तक नहीं चेती है। यदि 31 अगस्त तक मांगों का निराकरण संबंधी शासनादेश जारी नहीं किया गया तो एक सितंबर से शिक्षक देहरादून में जनपदवार धरना देने को विवश होंगे।

इधर प्रभारी प्रधानाचार्यों की ओर से प्रभारी का पद भार छोड़ दिए जाने से शासन की ओर से स्कूलों को प्राप्त होने वाली डाक का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। सभा को जिलाध्यक्ष भूपाल सिंह चिलवाल, मंत्री राजू महरा, नितेश कांडपाल, डा. गोविंद सिंह रावत, लक्ष्मण सिंह रावत, त्रिवेंद्र सिंह, मनीष कुमार, रमेश चंद्र जोशी, दीपक कुमार, दीपक पांडे, जगदीश पांडे, एनबी पांडे, मदन भंडारी, तरूण जैड़ा, मयंक तिवारी आदि मौजूद रहे।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments