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अल्मोड़ा: पहली बारिश में ही शहर प्यासा, तो DM खुद पहुंचे कोसी बैराज

► इंतजाम देखे, पर्याप्त जलापूर्ति के निर्देश और बोले ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
► पेयजल संबंधी मांगों व सुझावों पर गौर नहीं होने से समिति भी नाखुश

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सीजन की पहली बरसात ने ही नगर में पेयजल महकमे की इंतजामों की पोल खोल दी। पहली बारिश में ही नगर की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। जिसकी वजह पंपों में गाद (सिल्ट) भरना बताया गया, मगर यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर बार यही वजह बताई जाती है। मगर इसका स्थाई समाधान नहीं हो पाता। इसी समस्या को देखते हुए बीते बुधवार को कोसी बैराज व पंपिंग योजना के हालात परखने के लिए जिलाधिकारी अंशुल सिंह खुद कोसी बैराज पहुंच गए। जहां उन्होंने व्यवस्था चौकस करते हुए शत-प्रतिशत जलापूर्ति के निर्देश दिए और दो टूक चेतावनी दी कि जलापूर्ति संचालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कोसी बैराज पहुंचकर जलापूर्ति व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। कोसी बैराज की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति में आ रही अड़चनों का त्वरित निस्तारण करें और जलापूर्ति को शत प्रतिशत बहाल करें। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सिल्ट युक्त पानी ही नदी में आता है, इसलिए इसके समाधान के लिए तत्परता से कार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अल्मोड़ा के लिए यह बैराज बहुत महत्वपूर्ण है, इसके रखरखाव और संचालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस दौरान जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि पहली बरसात के बाद आने वाले पानी में अवसादों की मात्रा अधिक हो जाने के कारण जलापूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हो जाता है। इसके समाधान के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। पंप संचालन में आने वाली दिक्कतों के दौरान रोस्टर बनाकर जलापूर्ति की जाती है तथा पंप आदि की मरम्मत एवं उसको जल्द ठीक करने के प्रयास किए जाते हैं। इस दौरान अधिशाषी अभियंता सिंचाई मोहन सिंह रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।
पेयजल संबंधी समस्याओें से समिति भी चिंतित

अल्मोड़ा: सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी कल्याण समिति अल्मोड़ा भी लगातार पेयजल संबंधी समस्या को लेकर चिंतित है। समिति पूर्व से ही समस्या के समाधान की मांग करने के साथ ही सुझाव भी देते आई है। समिति के वरिष्ठ सदस्य नवीन चंद्र जोशी कहते हैं कि विभाग व जिला प्रशासन इन सुझावों की ओर खास ध्यान नहीं देता, जो चिंतनीय है। समिति कोसी में लगे पुराने पंपों को बदलने, सोमेश्वर व दौलाघट की ओर कोसी नदी में जगह-जगह कूड़ा-कचरा व सिल्ट रोकने की इंतजाम करने की मांग उठाते आई है। इसके अलावा नियमित रूप से साफ पानी की आपूर्ति करने, हाउस टैक्स के अनुसार नहीं बल्कि मीटर के आधार पर पानी के बिल जारी करने, पेयजलापूर्ति नहीं होने पर बिलों में तदनुसार कटौती करने, हर साल पानी के बिलों में वृद्धि रोके जाने की मांग भी समिति उठाते आई है। समिति के वरिष्ठ सदस्य नवीन चंद्र जोशी का कहना है कि अगर विभाग इन सुझावों पर अमल करती तो जनता को काफी सहूलियत होती।

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