सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
गोल्डन कार्ड के नाम पर पेंशनरों की पेंशन से मनमाने तरीके से अंशदान की कटौती से पनपा आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गनाइजेशन की जिला शाखा अल्मोड़ा ने इसके खिलाफ मजबूत लामबंदी की ठान ली है। संगठन की गुरुवार को पालिका सभागार में आयोजित बैठक में एकमात्र इस मुद्दे पर लंबी मंत्रणा चली। जिसमें ठोस लड़ाई लड़ने का निर्णय लेते हुए विभिन्न मांगों के प्रस्ताव पारित हुए।
बैठक में तय हुआ कि गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रियों व विधायकों को ज्ञापन सौंपकर मामले को विधानसभा में उठाने की मांग की जाएगी। इसके अलावा मांगें पूरी होने तक संघर्ष पर कायम रहने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत व संचालन महासचिव हेम चंद्र जोशी ने किया। बैठक में चंद्रमणि भट्ट, मोहन राम, मदन मोहन जोशी, प्रकाश चंद्र जोशी, आनंद सिंह बगडवाल, आनंद सिंह ऐरी, श्याम सिंह रावत, एमएस नयाल, सुनयना मेहरा, पूरन लाल साह, लीला खोलिया, पुष्पा कैड़ा, डा. जेसी दुर्गापाल, नवीन चंद्र पाठक, गजेंद्र सिंह नेगी, जसोद सिंह बिष्ट, मथुरादत्त मिश्रा, देव सिंह टंगड़िया, पीएस नयाल आदि कई लोगों ने अपने विचार रखे।
इन मांगों के प्रस्ताव हुए पारित
— गोल्डन कार्ड के नाम पर पेंशनर्स की पेंशन से मनमानी कटौती बंद करते हुए गोल्डन कार्ड की व्यवस्था को स्वैच्छिक किया जाए।
— गोल्डन कार्ड के नाम पर पेंशनर्स की पेंशन से कटौती सेवारत कर्मचारियों के समान नहीं की जाए बल्कि सेवारत कर्मचारियों की तुलना में पेंशनर्स से 50 फीसदी और पारिवारिक पेंशनर्स से 30 प्रतिशत कटौती की जाए।
— ओपीडी इलाज की व्यवस्था को कैशलैस किया जाए।
— गोल्डन कार्ड के लिए मल्टीपल अस्पतालों को सूचीबद्ध करते हुए सभी प्रकार की बीमारियों के लिए अधिकृत किया जाए।
— पेंशनर्सर/ पारिवारिक पेंशनर्स के लिए पारिवारिक आश्रितों की उम्र सीमा को निर्धारित नहीं किया जाए।
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ALMORA NEWS: गोल्डन कार्ड के नाम पर पेंशन से मनमानी कटौती से बढ़ा गुस्सा, आर्गनाइजेशन मजबूत लामबंदी पर उतरा, लंबी मंत्रणा के बाद ठोस लड़ाई की ठानी, कई मांगों के प्रस्ताव पारित
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