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उक्रांद प्रत्याशी भानु जोशी ने दिया शपथ पत्र, विधायक बने तो नहीं लेंगे तनख्वाह—पेंशन

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

अल्मोड़ा विधानसभा से उत्तराखंड क्रांति दल के प्रत्याशी भानु प्रकाश जोशी ने कहा कि मौजूदा दौर में लाभप्रद व्यवसाय बन चुकी राजनीति की सालों पुरानी परंपरा को वह तोड़ने का ऐलान करते हैं। जिसकी शुरूआत वह स्वयं से करते हुए यह घोषणा करते हैं कि यदि वह विधायक बनते हैं ​तो वह कभी भी कोई तनख्वाह व पेंशन नहीं लेंगे। लाखों की यह रकम जरूरतमंदों की सेवा व विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य के लिए खर्च होगी। उन्होंने बकायदा इस आशय का एक 2100 रूपये का शपथ पत्र भी सार्वजनिक किया।

भानु प्रकाश जोशी ने यहां होटल शिखर के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा मौजूदा दौर में नेता और कर्मचारी में कोई अंतर नहीं रह गया है। एक विधायक—मंत्री की तनख्वाह व पेंशन आईएएस, पीसीएस से भी ज्यादा होती है। यहां लोग सेवा करने नहीं, बल्कि भौतिक सुख—सुविधाएं व धन—संपदा जोड़ने के लिए आते हैं। यही कारण है कि उन्होंने अब इस परंपरा को तोड़ने का फैसला लिया हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनैतिक दलों ने विगत 20 सालों में यदि कोई काम किया है तो वह केवल अपनी तनख्वाह व पेंशन बढ़ाने का किया है। हाल में गैरसैंण सत्र के दौरान सदन में ​मंत्री—विधायकों ने अपनी तनख्वाह—पेंशन 124 गुना अधिक बढ़ा दी है।

भानु प्रकाश जोशी ने कहा कि सबसे बड़ा दुर्भाग्य तो यह है कि कांग्रेस व भाजपा जैसे राष्ट्रीय दलों के हाथ में जब भी प्रदेश की बागडोर आई तो उन्होंने जनता की गाढ़ी कमाई का धन प्रदेश के विकास के बजाए पार्टी नेतृत्व को अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए प्रदान कर दिया। यदि उत्तराखंड में किसी दल की सरकार बनती है तो वह उस धनराशि का अन्य प्रदेशों में होने वाले चुनाव पर खर्च करती है, लेकिन यदि प्रदेश में उक्रांद की सरकार बनी तो राज्य का पैसा केवल राज्य के विकास में ही खर्च होगा।

भानु प्रकाश जोशी ने डीएम को प्रस्तुत किये गये शपथ पत्र की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह विधायक बनते हैं तो सरकार द्वारा उन्हें मिलने वाली पेंशन व वेतन के रूप में प्रतिमाह जो लाखों रूपया मिलता है, वह उन्हें नहीं दिया जाये। अल्मोड़ा विधानसभा में रिटायर्ड आर्मी अफसरों की एक कमेटी बना यह धनराशि कमेटी को दी जाये। उक्त धनराशि का उपयोग बेरोजगारों, गरीब बेटियों व अन्य जरूरतमंदों के कल्याण में हो। भविष्य में भी यदि उक्त धनराशि के लिए वह यह उनके परिवार का कोई सदस्य क्लेम करता है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाये।

जोशी ने कहा कि वह अपने अंतर आत्मा की आवाज पर यह परंपरा शुरू कर रहे हैं। शायद उन्हें देख कर मौजूदा राजनीति में कुछ परिवर्तन आये। उन्होंने अन्य विधायक व मंत्रियों से अपील करी कि यदि वह सच में जनता के हितैषी हैं तो सर्वप्रथम जो सालों से आपको लाखों रूपया तनख्वाह और पेंशन के रूप में मिला है उसे सरकारी कोषागार में जमा कर जिलाधिकारी को इसी तरह का शपथ पत्र दें, तभी जनता यह विश्वास कर पायेगी कि राजनीति में आप उनकी सेवा के लिए आये हैं, अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं। प्रेस वार्ता में पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री गिरीश गोस्वामी, जिला महामंत्री दिनेश जोशी, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद जोशी, नगर अध्यक्ष पंकज चन्याल, कार्यालय सचिव जेएल टम्टा, कृष्ण कुमार, आशीष जोशी, निरंजन तिवारी, नवीन कुमार, मनोज सिंह, मोहन कनवाल, राजेंद्र प्रसाद आदि उक्रांद नेता व सदस्य मौजूद रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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