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सीएनई विशेष : मोबाइल से घंटों चिपके रहने वालों में भारत को मिला विश्व में तीसरा नंबर, घर—परिवार व समाज से दूर होता जा रहा आम इंसान

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सीएनई रिपोर्टर

सूचना व प्रौद्योगिकी के इस युग में मोबाइल व इंटरनेट लोगों की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल हो चुका है। सुबह—सवेरे जागने से लेकर देर रात सोने तक मोबाइल अब लोगों के हाथों पर रहने लगा है। यहां त​क कि सड़क पर चलते हुए, बस—ट्रेन में सफर करते और यहां तक कि कुछ लोग तो शौच आदि जाते वक्त भी अपना मोबाइल नही छोड़ पाते हैं।

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जाने—अनजाने में इस मोबाइल और इंटरनेट ने हमें अपने घर—परिवार और समाज से दूर कर दिया है। पड़ोस तो छोड़िये बहुत से लोगों को केवल इस मोबाइल पर चिपके रहने की बीमारी के चलते यह भी पता नही चल पाता कि उसके घर में आज क्या हो रहा है ? इन्हीं सब कारणों के चलते विशेषज्ञ, चिकित्सक व समाज विज्ञानी खासे चिंतित हैं। ताजा खबरों के लिए WhatsApp Group को जॉइन करें 👉 Click Now 👈

अगर आप सोचते हैं कि विदेशों में चूंकि ज्यादा विकास दर है अतएव वहां मोबाइल के दीवाने अधिक होंगे तो यह आपकी भूल है। आपको यह जानकार भी हैरानी होगी कि भारत विश्व में मोबाइल यूजरों में विश्व का तीसरा देश होने का तमगा हासिल कर चुका है। यानी भारत वह देश है जहां लोग अपने काम—धन्धे को भूलकर अधिकांश वक्त मोबाइल पर बिताना पसंद करते हैं। न्यूनतम इस्तेमाल पर चले जायें तो यहां लोग कम से कम 4 घंटा तो मोबाइल पर चिपके ही रहते हैं।

एक प्रसिद्ध वैश्विक संस्था व ZDNet न्यूज वेबसाइट ने इस बात का सर्वे किया है, जिसके बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सर्वे में दावा किया गया है कि मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों में पहला नंबर ब्राजील के लोगों का है। यहां कम से कम लोग 5 घंटे 4 मिनट तक मोबाइल चलाते हैं। दूसरा नंबर इंडो​नेशिया का है, जहां रोजाना न्यूनतम 5 घंटे तीन मिनट मोबाइल आम जन इस्तेमाल करते हैं। वहीं तीसरे नंबर का देश भारत का मोबाइल उपभोक्ता कम से कम 4 घंटे 9 मिनट मोबाइल इस्तेमाल करता है।

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यह बताना भी लाजमी है कि ​इस ​रिपोर्ट में 10 देशों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 7 अन्य देशों की रैंक में साउथ कोरिया को चौथा नंबर मिला है। साउथ कोरियन लोग 4 घंटे 8 मिनट रोजाना मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। मैक्सिको 4 घंटे 7 मिनट मोबाइल इस्तेमाल के साथ 5 वें नंबर पर है। तुर्की 4 घंटे 5 मिनट के साथ 6 वें, जापान 4 घंटे 4 मिनट के साथ 7 वें, कनाडा 4 घंटे 1 मिनट के साथ 8 वें स्थान पर है, वहीं यूए 3 घंटे 9 मिनट और UK 3 घंटे 8 मिनट के साथ 9 वें और 10 वें स्थान पर हैं।

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ज्ञात रहे कि चिकित्सकों के अनुसार लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहना बहुत घातक साबित हो सकता है। अमूमन देखा गया है कि इसका शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। खास तौर पर लगातार इंटरनेट की दुनिया में खोये लोग समय पर सोना, समय से उठना और समय से भोजन करना छोड़ देते हैं। चिकित्सकों के अनुसार चाहे आपका जीवन कितना व्यस्त हो, लेकिन स्व अनुशासन अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा यदि आप अपना पूरा वक्त मोबाइल, कंप्यूटर व नेट पर देने लगते हैं तो इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव आपके पारिवारिक व सामाजिक रिश्तों पर भी पड़ सकता है। ताजा खबरों के लिए WhatsApp Group को जॉइन करें 👉 Click Now 👈

वहीं इरिक्सन की मोबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में भारत में औसतन 12 जीबी डाटा प्रति व्यक्ति इस्तेमाल होता था, जो लगातार बढ़ रहा है। 2020 में यह आंकड़ा 13.3 जीबी तथा 2021 में यह आंकड़ा 18 जीबी डाटा प्रति व्यकित् से भी अधिक हो चुका है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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