सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
जिले में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। 13 मोटर मार्ग आवागमन के लिए बंद हो गए हैं। जिससे लगभग 25 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। डुंगरी में बिजली की लाइन पर चीड़ का पेड़ गिर गया है। सरयू और गोमती नदी उफान पर हैं और प्रशासन ने नदियों के किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी कर दिया है।
बारिश के कारण धमरघर-सनगाड़-बास्ती, असों-बसकुना, कमेड़ीदेवी-भैसूड़ी, खातीगांव-देवतोली, खातीगांव-कपूरी, पंद्रहपाली-हरबाड़, बालीघाट-पंद्रहपाली-पुरकोट, सिमगढ़ी, बीनातोली-कुंझाली, जैंसर-रयूनीलखमार, कपकोट-कर्मी-बघर, रिखाड़ी-बाछम, धरमघर-माजखेत, कर्मी-कपकोट, शामा-लीती-गोगिना आदि मौजूद मार्ग मलबा और भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं।
20 गांवों की बिजली गुल
जिले में लगातार हो रही बारिश से बिजली की लाइन भी क्षतिग्रस्त होते जा रही है। इससे ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। रविवार को दुग-नाकुरी के 50 गांव बिजली के अभाव में हलकान रहे। सोमवार को भी इसी तहसील के 20 अन्य गांवों की बिजली गुल हो गई।
इस बार भी बिजली की लाइन में चीड़ का पेड़ गिर गया। इससे डुंगरी, चौरा, तुपेड़, भटनीकोट, खुलदौड़ी-बलदौड़ी, दोफाड़ समेत 20 गांवों की बिजली गुल हो गई। इसके अलावा गरुड़ ब्लॉक के थापल बजवाड़ में बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से थापल बजवाड़ समेत 12 गांवों की बिजली बाधित रही।बिजली के अभाव में लोगों के मोबाइल व कम्यूटर आदि ठप हो गए। लोगों की ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित हो गई। इधर, ऊर्जा निगम के ईई भाष्कर पांडेय ने बताया कि दोनों लाइन में मरम्मत का काम चल रहा है। जल्द आपूर्ति बहाल हो जाएगी।


