क्या जहां चुनाव चल रहे हैं वहां के कोरोना आंकड़े छुपाए जा रहे हैं। चुनावी रैलियों व सभाओं में जिस तरह से भीड़ उमड़ रही है, क्या वह कोरोना संक्रमण फैलने के लिहाज से घातक नही है। विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव का शोर खत्म होने के बाद तस्फीर का दूसरा चेहरा दिखने की पूरी सम्भावना है। यह सारे सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रिजाउल हक की कोरोना से मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रिजाउल हक कोरोना संक्रमित हुए थे। निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। जाहिर सी बात है कि कांग्रेसी उम्मीदवार सैकड़ों लोगों के संपर्क में रहे होंगे। जिनकी कान्टेक्ट हिस्ट्री की जांच भी सम्भव नही है।
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।