सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, अल्मोड़ा ने सरकार द्वारा पेश बजट 2021-22 को घोर जन विरोधी और महिला विरोधी बताते हुए यहां गांधी पार्क में मोदी सरकार की बजट के लिए घोर निंदा की और मोदी सरकार का पुतला फूंका।
समिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ता दोपहर यहां चैघानपाटा में एकत्रित हुए और उन्होंने मोदी सरकार के बजट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह बजट हाशिये के वर्गों की कठिनाईयों, गरीबों और महिलाआंे की अनदेखी करता है, जोघोर निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के संकट में सरकार द्वारा लाई गई श्रम संहिता और कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ पूरा देश आंदोलनरत है। महामारी के आर्थिक प्रभाव से अमीर तो उबर गए हैं, किंतु आम जनता, बेरोजगार व गरीब लोग असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और अन्य महिला संगठनों की आय में सुधार, मुफ्त राशन व खाद्य सब्सिडी देने, मनरेगा में अधिक निवेश, महिलाओं के लिए सुरक्षा में बढ़ोत्तरी करने, हिंसा के बढ़ते मामलों के पीड़ितों के लिए पुनर्वास और अधिक सहायता देने की मांगों को अनसुना किया जा रहा है। बजट में सार्वजनिक व्यय में गंभीर कटौती की गई है। जेंडर बजट सकल घरेलू उत्पाद का 0.4 प्रतिशत है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आवंटन में केवल 3310 करोड़ रुपए हैं, जो शर्मनाक है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना, विधवा पेंशन, मिशन शक्ति, महिलाआंे की सुरक्षा और सशक्तीकरण जैसी योजनाओं के बजट में कटौती की गई है। वक्ताओं ने कहा कि यह बजट सार्वजनिक सेवाओं के कॉरपोरेट घरानों के अधिग्रहण को ही बढ़ावा देता है। कार्यक्रम में समिति की प्रांतीय अध्यक्ष सुनीता पांडे, जिला सचिव राधा नेगी, उप सचिव पूनम तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य जया पांडे, भावना, आशा, इंदु रिधिमा, लीला आदि शामिल हुए।



