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शराब गबन का मामलाः डीजीपी की सख्ती से मुख्य आरोपी तक पहुंची पुलिस और मिली सफलता; टनकपुर व चंडीगढ़ की सैर करते किन्नौर पहुंचा था पप्पू; नेपाल भागने में असफल हुआ, तो चुना किन्नौर का रास्ता

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
लाखों की शराब का सौदा कर ट्रक को द्वाराहाट में लावारिश छोड़कर फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चला अभियान अब सफल हो चुका है। यह सफलता डीजीपी की गंभीरता व सख्ती से मिली है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद मुख्य आरोपी पप्पू ने उगला कि वह ट्रक लावारिश छोड़कर द्वाराहाट से टनकपुर व चंडीगढ़ की सैर करते हुए किन्नौर पहुंचा। इससे पहले उसका नेपाल भागने का प्लान था, मगर सीमा सील होने से वह नेपाल नहीं जा सका, फिर उसके कदम चंडीगढ़ और वहां से किन्नौर पहुंचे।
एक झटके में लाखों कमाने केे लालच ने विजय जोशी उर्फ पप्पू को मुख्य आरोपी बना डाला और पुलिस के खौफ ने उसे दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया। उसने यह नहीं सोचा होगा कि जितनी दूर वह जाएगा, उतनी दूर पुलिस भी पहुंच जाएगी। शायद उसे यह भी पता नहीं कि डीजीपी अशोक कुमार की लोकप्रिय कार्यशैली व सख्त कदम पुलिस को निश्चित सफलता दिलाएगी। ऐसा ही हुआ। दरअसल, इस मामले पर डीजीपी ने खुद गंभीरता से संज्ञान लिया। इसके बाद पुलिस महकमा गंभीरता से हरकत में आया। परिणाम यह है कि अब मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार हो गया और मामले का खुलासा भी।
इधर गिरफ्तार मुख्य आरोपी विजय उर्फ पप्पू ने पूछताछ के दौरान विवेचक एसआई गौरव जोशी को बताया कि 450 पेटी शराब राजेन्द्र सिंह उर्फ राजू नेगी को अनिल पवार के माध्यम से 6 लाख रुपये में बेची गई। अनिल पवार को डील करवाने के एवज में 75000 रुपये दिए गए। उसने बताया कि यह काम करने के बाद वह वाहन को लावारिस छोड़कर चल दिया और नेपाल जाने के फिराक में था, इसके लिए गाड़ी बुक करके वनबसा टनकपुर चला गया, लेकिन नेपाल सीमा सील होने के कारण उसे मंसूबों पर पानी फिर गया और नेपाल नहीं जा पाया। आनन-फानन में उसने नई योजना बनाई और एक प्राइवेट वाहन बुक कराकर चडीगढ़ चला गया, जहां 2-3 दिन ठहरा। उसने बताया कि जब उसे पुलिस की कार्यवाही एवं साथियों की गिरफ्तारी होने की भनक लगी, तो वह चंडीगढ़ से भारत-चीन-तिब्बत से लगे सीमांत जिला किन्नौर के स्पिलौ थाना, तहसील पूह में कुबेर गेस्ट हाउस में किराये पर कमरा लेकर रहने लगा। उसने वहां यूको बैंक में अपना अकाउंट खोला व 68000 रुपये जमा कराए। यहां उल्लेखनीय है कि राजेन्द्र सिंह एवं अनिल पवार को पुलिस 11 दिसंबर, 2020 को गिरफ्तार कर चुकी है। पूरे मामले में पहले 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और आरोपियों के कब्जे से 390 पेटी शराब बरामद कर चुकी है।

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