हल्द्वानी। कोविड 19 डेडिकेटेड चिकित्सालय एसटीएच हल्द्वानी की दुर्दशा को मोबाइल क्लिपों के माध्यम से जागजाहिर करने वाले कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के मामाले में अब उसके भाई ने पुलिस को एसटीएच प्रशासन पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहसरी सौंपी है। पुलिस ने मामले जी कांच शुरू कर दी है। दूसरे और एसटीएच प्रशासन ने यह तो माना है कि मनोज की मौत चिकित्सालय के आईसीयू में हुई लेकिन उसने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है कि उसकी मौत स्टाफ की लापरवाही के कारण हुई है।
मिल रही जानकारी के अनुसर देवलचौड़ खाम निवासी मनोज सिंह को कोरोना संक्रमण के कारण एटीएच में भर्ती किया गया था, 19 सितंबर को उसने वहां के वार्ड और अपनी दुर्दशा को लेकर एक वीडियो बनाकर भेजा था जिसमें वह नर्स से आक्सीजन लगाने के लिए गुहार लगा रहा है, लेकिन वहां कोई स्टाफ नहीं पहुंचता। इसके बाद एसटीएच प्रशासन ने कह दिया था
कि यह वीडियो एसटीएच के किसी वार्ड का है ही नहीं लेकिन जब मनोज ने एक और वीडियो जारी करके कोविड वार्ड के हालात हल्द्वानी के लोगों को बताए तो एसटीएच प्रशासन ने यह मानते हुए कि वीडियो एसटीएच का ही है मनोज को आईसीयू में भर्ती कर दिया। जहां उसकी मौत हो गई थी। कल उसके किरयाक्रम संस्कार से फारिग होकर उसके भाई मोहन सिंह ने कोतवाली पहुंच कर अपने भाई की हत्या का आरोप एसटीएच प्रशासन पर लगाते हुए उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उधर एसटीएच के एमएस डा. अरुण जोशी ने कहा है कि एसटीरएच के कोरोना वार्डों में आक्सीजन की सेंट्रल सप्लाई है। इसलिए यदि मनोज को आक्सीजन नहीं मिल रही थी इसका अर्थ है कि दूसरे वार्डों में भी आक्सीजन नहीं रही होगा। लेकिन ऐसी कोई शिकायत किसी अन्य वार्ड से नहीं आई है। उन्होंने कहा है कि मरीजों की देखरेख में चिकित्सक या स्टाफ कोताही नहीं बरत रहे हैं।
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हल्द्वानी ब्रेकिंग : आक्सीजन के लिए तड़पते मरीज की मौत का मामला/ मृृतक के भाई ने एसटीएच प्रशासन के खिलाफ पुलिस को दी तहरीर, जांच
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