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किच्छा न्यूज : गरीब बच्चों के हाथों से किताबें छीन रही सरकार – गणेश उपाध्याय

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किच्छा । पूर्व दर्जा राज्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ. गणेश उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर गरीब व निर्धन परिवार के बच्चों व छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किए जाने का आरोप लगाते हुए शिक्षा अधिकार अधिनियम के नियमों में बदलाव करने को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जुबानी हमला बोला। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ उपाध्याय ने पंतनगर, नगला, डेयरी फार्म के समीप जिन अभिभावकों के बच्चों का प्रवेश निजी स्कूलों में नहीं हो पाया है, उन अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों का दाखिला ना होने पर नाराजगी व्यक्त की। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री डॉ गणेश उपाध्याय ने शिक्षा अधिकार अधिनियम में दिए गए प्रावधान को लेकर खुलासा करते हुए कहा कि पिछले दिनों सरकार ने सरकारी स्कूलों को बंद करने के लिए जहाँ अधिनियम की धारा में संशोधन का कदम उठाया, वहीं शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले गरीब व निर्धन वर्ग के बच्चों के 25 प्रतिशत प्रवेशों के कोटे में भी कटौती का मन बना लिया है। उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष नये प्रवेशों के लिए सरकार ने ऑनलाइन आवेदन किये जाने की प्रक्रिया अपनायी है , जो कि गरीब व अशिक्षित अभिभावकों के लिए बेहद खर्चीली सिद्ध हुई । डॉ उपाध्याय ने कहा कि ऑनलाइन भेजे गए कागजात को फिर मूल रूप से जमा करने के लिए शिक्षा अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े , क्योकि कोरोना काल के चलते शिक्षा विभाग के कार्यालय बन्द थे, जो कि कई दिनों बाद खुले।
डॉ. गणेश उपाध्याय ने कहा कि पिछले दिनों तमाम अभिभावकों ने बताया कि उनके द्वारा शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत जमा किए गए आवेदनों को रद्द कर दिया गया है और जब अभिभावकों ने जानकारी लेने के लिए स्कूल प्रबंधकों से संपर्क करने का प्रयास किया तो कोविड-19 के चलते उन्हें कार्यालय में नहीं जाने दिया गया और यह कहा गया कि चस्पा की गई सूची के माध्यम से ही सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब अभिभावकों को आवेदन रदद् करने का कारण न बताना और उसे सुधार का मौका न देना गरीब व पात्र अभिभावकों के साथ घोर अन्याय है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभिभावकों को कारण बताते हुए उसके सुधार का मौका दिया जाना चाहिए था , क्योंकि इन अभिभावकों में वे लोग शामिल हैं जो कि मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास कर रहे हैं तथा अधिकांश लोग अशिक्षित होने के साथ साथ अल्पशिक्षित भी हैं । डॉ उपाध्याय ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी रमेश आर्या से दूरभाष पर वार्ता कर अभिभावकों की समस्याओं से अवगत कराया है , जिसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जल्द ही कार्यवाही का आश्वासन दिया है। डॉ उपाध्याय ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही शिक्षा विभाग द्वारा निर्धन पात्र बच्चों को प्रवेश दिलाने की दिशा में कार्यवाही ना की तो जिला अधिकारी कार्यालय सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा , जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर वीरेंद्र थापा, विनय सिंह , लोकमान सिंह , रामेश्वर सिंह , अमित सिंह ,रवि तोमर , प्रमोद कुमार, सुनील शर्मा, लक्ष्मण यादव ,मन्नू सिंह , सुरेंद्र यादव , रुस्तम अली , रमेश सिंह , शीतल देवी ,गोरख नाथ , राकेश सिंह , नागेश्वर सिंह आदि अभिभावक उपस्थित थे।

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