राष्ट्रीय कुमाउंनी भाषा सम्मेलन: साहित्य, संस्कृति और कवि सम्मेलन का संगम

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राष्ट्रीय कुमाउंनी भाषा सम्मेलन: साहित्य, संस्कृति और कवि सम्मेलन का संगम
राष्ट्रीय कुमाउंनी भाषा सम्मेलन: साहित्य, संस्कृति और कवि सम्मेलन का संगम

╰┈➤ 14-15 नवंबर को जुटेंगे कुमाउंनी के जानकार, जोर-शोर से चली तैयारियां


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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सांस्कृतिक एवं साहित्यिक नगरी अल्मोड़ा में दो दिन कुमायूं क्षेत्र की मातृभाषा ‘कुमाउंनी’ सुर्खियों में रहेगी। जिसमें कुमाउंनी संस्कृति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के साथ ही कुमाउंनी साहित्य की विविध विधाओं पर विषय विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। कुमाउंनी साहित्य की प्रदर्शनी और कुमाउंनी कवि सम्मेलन भी आकर्षण रहेगा। दरअसल, ये सारे कार्यक्रम 18वें राष्ट्रीय कुमाउंनी भाषा सम्मेलन के तहत होंगे। जो शिखर होटल सभागार में दो दिन यानी 14 व 15 नवंबर, 2026 को तय है। आयोजन समिति जोर-शोर से सम्मेलन की तैयारी में जुटी है।
जिम्मेदारियां सौंपी, जोरों पर तैयारियां

सम्मेलन के लिए पहले ही आयोजन समिति गठित हो चुकी है। जिसमें भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक को संयोजक, पहरू के संपादक डा. हयात सिंह रावत को सचिव और आनंद सिंह सौतियाल को कोषाध्यक्ष चुना गया है। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियां बनाई गई हैं और उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रमुख रूप से पंजीकरण समिति में रूप सिंह बिष्ट व गोपाल सिंह रावत, भोजन समिति में गोपाल सिंह गैड़ा व देवेंद्र सिंह फर्त्याल, प्रचार प्रसार समिति में चन्दन नेगी, वित्त व आवास समिति आनंद सिंह सौतियाल, बिट्टू कर्नाटक, हयात सिंह रावत, चंद्रशेखर बनकोटी और देवेंद्र सिंह फर्त्याल को शामिल किया गया है। इनके अलावा कार्यक्रम निर्धारण समिति डॉ. गीता खोलिया, डॉ. धाराबल्लभ पांडे व डॉ. केसी जोशी को जिम्मेदारी दी गई है। ऑनलाइन प्रसारण की जिम्मेदारी कृष्ण चंद्र जोशी सौंपी गई है, जबकि सांस्कृतिक समिति का जिम्मा गोपाल सिंह चम्याल के पास है। सम्मेलन की तिथि नजदीक आने के साथ ही समिति जोरशोर से तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। इसके लिए दो-तीन दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं।
सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण

➤ कुमाउंनी संस्कृति कर्मी और सांस्कृतिक दलों द्वारा कुमाउंनी सांस्कृतिक कार्यक्रम।
➤ विभिन्न सत्रों में कुमाउंनी भाषा के अलग-अलग पहलुओं और कुमाउंनी साहित्य की विविध विधाओं पर विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान।
➤ कुमाउंनी भाषा और साहित्य की दशा और दिशा पर चर्चा-परिचर्चा।
➤ कुमाउंनी भाषा के विकास के लिए तय होगी भविष्य की रणनीति।
➤ कुमाउंनी भाषा के मानक रूप को तय करने विषयक चर्चा।
➤ कुमाउंनी भाषा का भाषाई विकास भी रहेगा सम्मेलन का हिस्सा।
➤ सरकार से कुमाउंनी भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने और 8वीं अनुसूची में शामिल करने की पैरवी।
➤ कुमाउंनी भाषा को स्कूल से कॉलेज के पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर दिया जाएगा जोर।
➤ कुमाउंनी पुस्तकों की प्रदर्शनी और राष्ट्रीय कुमाउंनी कवि सम्मेलन। ➤ ➤ कुमाउंनी संस्कृति कर्मी और सांस्कृतिक दलों द्वारा कुमाउंनी सांस्कृतिक कार्यक्रम।
➤ कुमाउंनी भाषा न्यास की ओर से वार्षिक साहित्य सम्मान समारोह और पुरस्कार योजनाओं को पुरस्कार वितरण।
➤ कुमाउंनी फिल्म व नाटक निर्माण की संभावनाओं और चुनौतियों पर भी विशेषज्ञ द्वारा विचार विमर्श।

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