सड़कों पर गड्ढों से हाय-तौबा के बीच 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
आयुक्त ने कहा- औपचारिक पैचवर्क नहीं, टिकाऊ काम हो
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। हल्द्वानी शहर की करीब 80 किमी आंतरिक सड़कें गड्ढों की मार झेल रही हैं, जिससे शहरवासियों को आए दिन आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। कई स्थानों पर सीवर और पेयजल लाइनों के लिए की गई खुदाई के बाद सड़कें भी बदहाल हैं। सड़कों की इस स्थिति को लेकर जनता में हाय-तौबा मची हुई है। इसी बीच प्रशासन ने 15 अक्टूबर तक कुमाऊं की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। शनिवार को आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने संबंधित विभागों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ सड़क मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

आयुक्त ने कहा कि सड़कों के गड्ढे केवल खानापूर्ति के लिए न भरे जाएं। पैचवर्क और पुनर्निर्माण इस तरह किया जाए कि सड़क लंबे समय तक टिक सके। काम में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
हल्द्वानी की 80 किमी आंतरिक सड़कें गड्ढायुक्त, जनता की परेशानी बढ़ी
नगर निगम के अनुसार हल्द्वानी शहर के करीब 80 किमी आंतरिक मार्ग गड्ढायुक्त हैं। इनमें से अभी तक करीब 8 किमी मार्ग पर पैचवर्क पूरा किया गया है। ऐसे में बड़ी लंबाई में सड़कों की मरम्मत अभी बाकी है।
शहर में सड़क की खराब स्थिति का असर सीधे आम लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए गड्ढे विशेष परेशानी का कारण बने हुए हैं। बारिश के दौरान पानी भर जाने से कई जगह गड्ढों की गहराई का अंदाजा भी नहीं लग पाता। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
वहीं, सीवर और पेयजल लाइन डालने के लिए सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें समय पर दुरुस्त नहीं किए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ रही है।
आयुक्त ने यूयूएसडीए के काम पर जताया असंतोष
हल्द्वानी में यूयूएसडीए द्वारा कराए जा रहे सीवर और पेयजल लाइन के कार्यों की समीक्षा के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने असंतोष जताया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क को लंबे हिस्से में एक साथ खोदने के बजाय काम को छोटे-छोटे हिस्सों में किया जाए।
- जिस हिस्से में पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो जाए, उसे तुरंत दुरुस्त किया जाए।
- एक हिस्से की सड़क ठीक करने के बाद ही अगले हिस्से में खुदाई का काम शुरू किया जाए।
- सड़क को खुला छोड़कर लंबे समय तक जनता को परेशानी में न रखा जाए।
- विभाग सड़क निर्माण और पाइपलाइन कार्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें।
आयुक्त ने साफ कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है। इसलिए निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों को होने वाली परेशानी को न्यूनतम किया जाना चाहिए।
आवास विकास, राजपुरा और बनभूलपुरा की सड़कें भी होंगी दुरुस्त
नगर आयुक्त ने बताया कि आवास विकास, राजपुरा और बनभूलपुरा क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इन मार्गों पर जल्द ही हॉटमिक्स और पैचवर्क का काम शुरू किया जाएगा।
यह क्षेत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सीवर लाइन के कार्यों के बाद सड़क की स्थिति खराब होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। प्रशासन के निर्देश के बाद अब सड़क बहाली का काम तेजी से होने की उम्मीद है।
नैनीताल जिले में 992 किमी सड़कों की स्थिति
समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि नैनीताल जिले में मुख्य राजमार्ग और मुख्य जिला मार्गों की 36 सड़कें गड्ढायुक्त हैं। इनकी कुल लंबाई करीब 992 किमी बताई गई है।
इन सड़कों के कार्यों के टेंडर हो चुके हैं।
- कुल गड्ढायुक्त सड़कें: 992 किमी
- गड्ढामुक्त की जा चुकी सड़कें: 303 किमी
- शेष: 689 किमी
- आगे का कार्य: बारिश के बाद पैचवर्क और हॉटमिक्स
अधिकारियों के अनुसार शेष सड़कों पर वर्षाकाल समाप्त होने के बाद काम कराया जाएगा।
कुमाऊं के अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में सड़कें बदहाल
कुमाऊं मंडल के अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना है।
- अल्मोड़ा — 67 सड़कें
- बागेश्वर — 22 सड़कें
- पिथौरागढ़ — 36 सड़कें
- चम्पावत — 23 सड़कें
अधिकारियों के अनुसार मंडल की इन सड़कों के टेंडर हो चुके हैं और जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
पीएमजीएसवाई की करीब 1500 किमी सड़कें भी गड्ढायुक्त
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भी सड़क सुधार का काम बड़ी चुनौती है। समीक्षा के दौरान पीएमजीएसवाई के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि योजना के अंतर्गत करीब 1500 किमी सड़कें गड्ढायुक्त हैं।
इनमें से अब तक 58 किमी सड़कें गड्ढामुक्त की जा चुकी हैं, जबकि शेष सड़कों पर काम चल रहा है।
आयुक्त ने पर्वतीय क्षेत्रों में मुख्य मार्गों के साथ-साथ संपर्क और ग्रामीण सड़कों को भी अभियान में शामिल कर उन्हें सुगम बनाने के निर्देश दिए।
एनएच की 168 किमी सड़कों पर पैचवर्क और हॉटमिक्स
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि 168 किमी सड़कों पर पैचवर्क और हॉटमिक्स का काम किया जाना है।
इनमें—
- 36 किमी सड़क पर काम पूरा
- 132 किमी सड़क पर काम बाकी
- शेष कार्य वर्षाकाल समाप्त होने के बाद शुरू किया जाएगा।
15 अक्टूबर की समय सीमा, लापरवाही पर कार्रवाई
आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए निर्धारित 15 अक्टूबर की समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत में केवल गड्ढे भरकर औपचारिकता पूरी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पैचवर्क, हॉटमिक्स और पुनर्निर्माण का काम गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए, ताकि कुछ समय बाद सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील न हो।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समय और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही होने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में एनएच, लोनिवि, यूयूएसडीए, नगर निगम, पीएमजीएसवाई समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


