पिता को आंखों से नदी में बहते देखता रह गया छह साल का मासूम
रेस्क्यू के बाद अस्पताल में मृत घोषित
सीएनई रिपोर्टर, भुजान/गरमपानी। जिस पिता का हाथ थामकर छह साल का मासूम ओम घर से निकला था, उसे शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर बाद वही पिता उसकी आंखों के सामने जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए कोसी की तेज धार में ओझल हो जाएगा। शुक्रवार को भुजान के पास कोसी नदी में हुआ हादसा एक परिवार से उसका सहारा छीन गया और छह साल के मासूम की आंखों में ऐसी तस्वीर छोड़ गया, जिसे शायद वह जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा।
द्वाराहाट क्षेत्र के ग्राम कुनस्यारी निवासी नायब सूबेदार पृथ्वी पाल सिंह (38) पुत्र त्रिलोक सिंह शुक्रवार को अपने साथियों के साथ भुजान के पास कोसी नदी में नहाने के लिए रुके थे। उनके साथ उनका छह वर्षीय बेटा ओम भी था। नदी में नहाने के दौरान अचानक पृथ्वी पाल सिंह तेज बहाव की चपेट में आ गए। कुछ ही क्षणों में पानी का वेग उन्हें अपने साथ बहा ले गया।
कोसी ने छीना पिता का साया
बताया गया कि पिता को नदी में बहते देख मासूम ओम और वहां मौजूद अन्य लोग घबरा गए। साथियों ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन तेज बहाव के सामने तत्काल कुछ कर पाना संभव नहीं हो सका। देखते ही देखते पृथ्वी पाल सिंह नदी की धारा में काफी दूर निकल गए।
तीन किलोमीटर तक चला रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही बेतालघाट पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने नदी में सर्च अभियान शुरू किया। तेज बहाव और नदी की परिस्थितियों के बीच टीम ने करीब तीन घंटे तक लगातार तलाश की।
कड़ी मशक्कत के बाद पृथ्वी पाल सिंह को घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बेतालघाट के एसआई शंकर नयाल के अनुसार, नदी में बहने की सूचना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया। रेस्क्यू के बाद युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस द्वारा पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही थी।
छुट्टी लेकर घर आए थे, शनिवार को लौटना था ड्यूटी पर
पृथ्वी पाल सिंह सेना के एजुकेशन कोर में नायब सूबेदार के पद पर तैनात थे। बताया गया कि वह करीब एक माह पहले भटिंडा से छुट्टी लेकर घर आए थे। छुट्टी के दौरान पूजा-पाठ और परिवार के साथ समय बिताने के बाद उन्हें शनिवार को वापस ड्यूटी पर लौटना था।
शुक्रवार को वह अपने छह वर्षीय बेटे ओम के साथ पत्नी और छोटी बेटी के पास हल्द्वानी जा रहे थे। रास्ते में साथियों के साथ भुजान के पास कोसी नदी में नहाने के लिए रुक गए। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि परिवार से मिलने और ड्यूटी पर लौटने से ठीक एक दिन पहले यह यात्रा जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी।
पृथ्वी पाल सिंह के परिवार के लिए शुक्रवार का दिन शायद कभी न भूलने वाला बन गया। घर से निकले पिता के साथ मौजूद छह साल का ओम अब उस दृश्य का प्रत्यक्षदर्शी है, जिसमें उसके पिता को नदी का तेज बहाव अपने साथ बहा ले गया। एक बच्चे के लिए पिता केवल परिवार का सदस्य नहीं, बल्कि उसका सहारा, सुरक्षा और भरोसा होता है। ऐसे में जिस उम्र में ओम को पिता की उंगली पकड़कर स्कूल जाना, उनके साथ खेलना और उनकी गोद में बैठना था, उसी उम्र में उसने पिता को अपनी आंखों के सामने नदी में खो दिया।
इस हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर यही है कि पृथ्वी पाल सिंह छुट्टी लेकर परिवार के बीच लौटे थे, बेटे को साथ लेकर पत्नी और छोटी बेटी के पास हल्द्वानी जा रहे थे और अगले ही दिन उन्हें फिर अपनी ड्यूटी पर लौटना था। लेकिन कोसी की धार ने परिवार की इन तमाम उम्मीदों को कुछ ही क्षणों में बदल दिया।
कुनस्यारी गांव में पसरा मातम
पृथ्वी पाल सिंह की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव कुनस्यारी पहुंची, वहां मातम पसर गया। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल था कि कुछ समय पहले तक छुट्टी पर घर आए पृथ्वी पाल अब उनके बीच नहीं रहे।
एक ओर परिवार अपने जवान सदस्य को खोने के सदमे में है तो दूसरी ओर छह वर्षीय ओम के सामने पिता के हमेशा के लिए चले जाने की सच्चाई है। अचानक हुई इस मौत ने पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नदी किनारे कुछ पल बिताने के लिए रुके परिवार के लिए वही कोसी की धारा जिंदगी का सबसे भयावह अध्याय बन गई। जिस बेटे के लिए पिता शायद रास्ते में नदी किनारे कुछ खुशनुमा पल बिताना चाहते थे, उसी बेटे की आंखों के सामने पिता हमेशा के लिए उससे दूर चले गए।
जानकारी के अनुसार पृथ्वी पाल सिंह के साथ धन सिंह (35), नरेंद्र सिंह (38) और राजेंद्र सिंह (36) भी मौजूद थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ। पुलिस ने घटना के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।


