सोमेश्वर के चनौली में 13 वर्षों से अधूरे पुल ने खोली विकास के दावों की पोल
गांव-गांव जाकर अधूरे कार्यों की पड़ताल करेगी कांग्रेस
CNE REPORTER, सोमेश्वर। श्री गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर कांग्रेस ने सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में सरकार के विकास संबंधी दावों की जमीनी हकीकत तलाशने के लिए ‘ढूंढो-ढूंढो विकास ढूंढो… गांव-गांव विकास ढूंढो’ यात्रा का आगाज किया। यात्रा की शुरुआत ग्राम सभा चनौली से हुई, जहां पिछले करीब 13 वर्षों से अधूरे पड़े पुल को कांग्रेस ने विकास कार्यों की कथित बदहाली का प्रतीक बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।
यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज (गुड्डू भोज) ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने अधूरे पुल का निरीक्षण करते हुए सरकार के विकास दावों पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि प्रदेश में विकास के बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं लगातार की जाती हैं, लेकिन गांवों में पहुंचने पर तस्वीर इसके बिल्कुल उलट दिखाई देती है। चनौली का अधूरा पुल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जहां ग्रामीण लंबे समय से निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।





13 साल से इंतजार, फिर भी अधूरा है पुल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चनौली में पुल का निर्माण ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही जरूरत से जुड़ा हुआ है। पुल का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की ओर से कई बार संबंधित विभाग एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांग उठाए जाने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
कांग्रेस का आरोप है कि एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यदि किसी जरूरी पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाता, तो यह व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर इतने वर्षों में इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा क्यों नहीं किया गया और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है।
‘विकास आखिर गया कहां?’
कांग्रेस ने सरकार के विकास दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब गांवों में मूलभूत जरूरतों से जुड़े कार्य ही वर्षों तक अधूरे पड़े हैं, तो फिर विकास के दावे किस आधार पर किए जा रहे हैं।
इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उछाला—
“13 साल में पुल नहीं बना, तो आखिर विकास गया कहां? फाइलों में, भाषणों में या चुनावी वादों में?”
कांग्रेस का कहना था कि चनौली का मामला केवल एक पुल का मामला नहीं है, बल्कि यह उन तमाम अधूरे विकास कार्यों की तस्वीर सामने लाता है, जिनका खामियाजा ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ रहा है।
अब गांव-गांव पहुंचेगी कांग्रेस की यात्रा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज ने कहा कि ‘ढूंढो-ढूंढो विकास ढूंढो’ यात्रा को केवल चनौली तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके तहत सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचकर लंबे समय से लंबित और अधूरे पड़े विकास कार्यों की जमीनी स्थिति को सामने लाया जाएगा।
पार्टी के अनुसार, सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े ऐसे कार्यों की जानकारी जुटाई जाएगी, जिनके लिए ग्रामीण वर्षों से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं। कांग्रेस का उद्देश्य इन मुद्दों को जनता के बीच उठाने के साथ ही सरकार से जवाब मांगना है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विकास केवल सरकारी घोषणाओं और कागजों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उसका वास्तविक लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। यदि किसी गांव में वर्षों से कोई बुनियादी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, तो सरकार को उसकी स्थिति और देरी के कारणों का जवाब जनता के सामने रखना चाहिए।
ग्रामीणों की मौजूदगी में उठे सवाल
चनौली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने भी अधूरे पुल सहित क्षेत्र की अन्य समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। कांग्रेस ने दावा किया कि यात्रा के दौरान सामने आने वाले जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को आगे संबंधित स्तर पर उठाया जाएगा।
कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष किशोर नयाल, जिला पंचायत सदस्य पल्यूड़ा संतोष कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष राजू भट्ट, ग्राम प्रधान चनौली उमा वर्मा, ग्राम प्रधान लद्यूड़ा हेमा पाण्डे, पूर्व प्रधान गोविंद राम, उपप्रधान भावना नयाल, पूर्व प्रधान दीपा नयाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य हेमा आर्या, ब्लॉक महामंत्री रंजीत नयाल, प्रकाश खाती, हिरा मेहरा, कैलाश कुमार, शिवराम, भुवन कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘ढूंढो-ढूंढो विकास ढूंढो… गांव-गांव विकास ढूंढो’ के नारे के साथ सरकार से अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने की मांग उठाई।
कांग्रेस ने कहा कि यह अभियान आने वाले दिनों में सोमेश्वर क्षेत्र में सरकार के विकास दावों और धरातल पर मौजूद वास्तविकता के बीच के अंतर को सामने लाने का काम करेगा।
कांग्रेस का सवाल साफ है—13 वर्षों से अधूरा पड़ा पुल आखिर कब पूरा होगा और ग्रामीणों को उनके हिस्से का विकास कब मिलेगा?
‘ढूंढो-ढूंढो विकास ढूंढो… अब जनता पूछ रही है—विकास आखिर है कहां?’



