गुप्तेश्वर महादेव मंदिर गंगोरी तक गूंजे जयकारे; दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। खीनापानी सिरसा में इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा की भक्ति और आध्यात्मिक रसधारा बह रही है। आचार्य रमेश बहुगुणा एवं उनकी टीम के संयोजन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। कथा आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।








श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर महिलाओं द्वारा पारंपरिक एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा खीनापानी से प्रारंभ होकर गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, गंगोरी तक पहुंची। सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की कतार और भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। यात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजा वातावरण
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीत गाते हुए तथा भगवान के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा के मार्ग में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाओं की विशेष भागीदारी ने कलश यात्रा को और अधिक आकर्षक एवं आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।
गुप्तेश्वर महादेव मंदिर गंगोरी पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन में श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।
कथा श्रवण के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
आचार्य रमेश बहुगुणा द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का आध्यात्मिक एवं भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं, भक्ति, धर्म, सदाचार और जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला जा रहा है। कथा प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
आयोजकों के अनुसार कथा का श्रवण करने के लिए आसपास के गांवों के साथ ही दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से आयोजन स्थल भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से कथा सुनने के साथ भजन-कीर्तन में भी सहभागी बन रहे हैं।
धार्मिक आयोजन से क्षेत्र में बना भक्तिमय माहौल
श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से खीनापानी सिरसा सहित आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। सुबह से ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है। कथा के दौरान भक्ति गीतों और भगवान के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठता है।
आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ता मदन मोहन सुयाल, रमेश सुयाल, हरिकिशन चुपडाल, राजेंद्र जीना सहित क्षेत्र के अन्य सम्मानित लोग भी मौजूद रहे। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, आपसी सद्भाव और संस्कारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्रद्धालुओं में उत्साह, कथा को सफल बनाने में जुटे आयोजक
आचार्य रमेश बहुगुणा एवं उनकी टीम द्वारा कथा आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने भी आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग करते हुए श्रीमद्भागवत कथा को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान की भक्ति में लीन होकर भजन-कीर्तन किया और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। कलश यात्रा से लेकर कथा श्रवण तक पूरा आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया।


