धौलछीना में छात्रों से लेकर ग्रामीणों तक चला जागरूकता अभियान
CNE REPORTER, अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में अल्मोड़ा जनपद पुलिस द्वारा नशा मुक्ति, साइबर अपराध से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा सामाजिक जागरूकता को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत धौलछीना थाना पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज भल्यूटा और राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय खाटवे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।

थानाध्यक्ष धौलछीना रमेश सिंह बोहरा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के लगातार बदल रहे तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध फोन कॉल अथवा संदेशों के माध्यम से मांगी जाने वाली व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने तथा इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का सतर्कता के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

पुलिस ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके साथ ही निकटतम पुलिस थाने से भी संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (Money Restoration Module) के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने समझाया कि साइबर ठगी होने के तुरंत बाद शिकायत करने से ठगी की धनराशि को समय रहते सुरक्षित कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
नए आपराधिक कानूनों और नागरिक अधिकारों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नए आपराधिक कानूनों, महिला एवं बाल सुरक्षा, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्यों तथा कानून के प्रति जागरूक रहने के महत्व की जानकारी दी गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विशेष जोर देते हुए पुलिस ने छात्राओं को किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न अथवा संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में चुप न रहने और तत्काल परिजनों, शिक्षकों अथवा पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं से स्वयं जागरूक नागरिक बनने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सुरक्षा एवं कानून संबंधी विषयों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन का दिया संदेश
पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय आवश्यक सावधानी बरतने और सड़क पर स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की अपील की गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाकर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग पर भी जोर
कार्यक्रम में सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग को लेकर भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस ने निजी फोटो, मोबाइल नंबर, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी और अन्य गोपनीय विवरण सोशल मीडिया या किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।
साथ ही विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर किसी भी सूचना को आगे प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने तथा अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा आपत्तिजनक सामग्री को बढ़ावा नहीं देने के लिए जागरूक किया गया।
शिक्षकों के साथ की गोष्ठी, सुरक्षा संबंधी समस्याओं की ली जानकारी
थानाध्यक्ष धौलछीना रमेश सिंह बोहरा ने दोनों विद्यालयों के अध्यापकों के साथ भी गोष्ठी की। इस दौरान विद्यालयों से संबंधित पुलिस एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं की जानकारी ली गई। विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए पुलिस की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को किया साइबर अपराध के प्रति सचेत
विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम के बाद पुलिस टीम द्वारा भल्यूटा और खाटवे गांव में ग्रामीणों के साथ चौपाल भी आयोजित की गई। चौपाल के दौरान ग्रामीणों को साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया गया।
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी अजनबी व्यक्ति के साथ अपनी निजी, व्यक्तिगत अथवा गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक खाते, एटीएम, पासवर्ड, मोबाइल पर प्राप्त सत्यापन कोड तथा अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई।
संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना पुलिस को देने की अपील
ग्रामीणों को गांव में आने वाले संदिग्ध अथवा अजनबी व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया।
पुलिस ने घर में किरायेदार अथवा मजदूर रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने की अपील भी की। बताया गया कि सत्यापन की प्रक्रिया से किसी संभावित आपराधिक गतिविधि को रोकने में मदद मिल सकती है और इससे गांव एवं आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होती है।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी। इनमें—
- चाइल्ड हेल्पलाइन — 1098
- आपदा हेल्पलाइन — 1070
- डायल 112 — आपातकालीन पुलिस सहायता
- साइबर हेल्पलाइन — 1930
- मानस हेल्पलाइन — 1933
शामिल हैं।
पुलिस ने छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति, अपराध, साइबर ठगी अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं का निर्भीक होकर उपयोग करें।
जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव
धौलछीना पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर लोगों को अपराध की रोकथाम, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी सुरक्षा संबंधी जानकारी देकर जागरूक समाज के निर्माण में सहयोग करें।
पुलिस का कहना है कि अपराध की रोकथाम में जनसहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। जागरूक नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंचाकर न केवल स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


