सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। नैनीताल जिले में साइबर अपराधों पर सख्त कार्रवाई, डिजिटल पुलिसिंग को पूरी तरह लागू करने और लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को हल्द्वानी कोतवाली सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जून 2026 के अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले 29 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस अधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को पूरी तरह अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाने में ऑनलाइन सामान्य डायरी, इलेक्ट्रॉनिक प्रथम सूचना रिपोर्ट, जीरो प्रथम सूचना रिपोर्ट, आरोप पत्र दाखिल करने सहित सभी डिजिटल प्रक्रियाओं को शत-प्रतिशत लागू किया जाए। पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल ने बैठक में ई-शाक्ष्य एप की कार्यप्रणाली का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों के प्रयोग से विवेचना अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रभावी बनेगी।

ई-बीट से लेकर ई-मालखाना तक सभी पोर्टल अपडेट रखने के निर्देश
समीक्षा के दौरान ई-बीट, ई-समन, ई-मालखाना और ई-डीएआर पोर्टलों पर सभी अभिलेख समयबद्ध तरीके से अपडेट करने पर विशेष जोर दिया गया। न्यायालय से प्राप्त आदेशों, मालों के निस्तारण और सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित सभी सूचनाएं तत्काल ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
साइबर ठगी में अब अनिवार्य होगी धोखाधड़ी की धारा
साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी नागरिक के साथ साइबर धोखाधड़ी कर धनराशि हड़पी गई है तो ऐसे प्रत्येक मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी की धाराओं में अनिवार्य रूप से मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विवेचक की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में प्रगति पोर्टल, सहयोग पोर्टल और मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल की तकनीकी जानकारी भी अधिकारियों को दी गई। साथ ही जिले के चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और सभी पुलिस अधिकारियों को साइट्रेन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कर साइबर अपराधों से संबंधित नवीनतम तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
लंबित विवेचनाओं पर थाना प्रभारियों की तय होगी जवाबदेही
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स पर सभी थानों का शत-प्रतिशत डाटा अपडेट रखने, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और लंबे समय से लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक लंबित मामलों के लिए संबंधित थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
🏅 ‘बेस्ट परफॉर्मर’ बने ये 29 पुलिसकर्मी
✅ बालकृष्ण आर्या
✅ अर्जुन गोस्वामी
✅ हिमांशु रावत
✅ सुनील कुमार
✅ यशपाल सिंह नेगी
✅ राकेश रावत
✅ जानकी बोरा
✅ सुनील राणा
✅ रमेश काण्डपाल
✅ राजेश चन्दोला
✅ कविता पुनेठा
✅ कुबेर सिंह
✅ मनोज जोशी
✅ रविन्द्र बोरा
✅ अनिल गिरी
✅ महेश गोस्वामी
✅ रोहित सिंह
✅ दीपक कुमार
✅ अर्जुन सिंह भोज
✅ महेन्द्र सिंह रावत
✅ रमेश नगरकोटी
✅ महेन्द्र रावत
✅ सन्तोष सिंह बिष्ट
✅ विक्रम कुमार
✅ संजय सिंह
✅ सुरेन्द्र सिंह (विशेष सराहना)
✅ गोविन्दी देवी
✅ जगदीश राम
✅ विमल गोस्वामी
काठगोदाम के आरक्षी सुरेन्द्र सिंह के कार्य की विशेष सराहना
सम्मानित पुलिसकर्मियों में काठगोदाम कोतवाली में तैनात आरक्षी सुरेन्द्र सिंह की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने ई-बीट प्रणाली में उत्कृष्ट कार्य करने के साथ प्राप्त समनों का सफल निस्तारण किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अन्य पुलिसकर्मियों को भी इसी प्रकार तकनीकी दक्षता और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
आधुनिक पुलिसिंग ही समय की आवश्यकता : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कहा कि तकनीकी रूप से दक्ष और जनसंवेदनशील पुलिसिंग वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत किया जा सकता है। अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल, संयुक्त निदेशक विधि हीरा सिंह राणा, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार, क्षेत्राधिकारी भवाली रविकांत सेमवाल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार, क्षेत्राधिकारी नैनीताल अंजना नेगी, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, प्रतिसार निरीक्षक हरकेश सिंह तथा जिले के सभी थाना, शाखा, यातायात, सिविल पुलिस इकाई और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी के कंपनी कमांडर मौजूद रहे।



