कृषि विज्ञान केंद्र मटेला की पहल
CNE REPORTER, अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, मटेला (अल्मोड़ा) द्वारा ग्राम गुड़काण्डे में हरित यज्ञ एवं वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाना तथा किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।

इस अवसर पर गांव के सार्वजनिक स्थलों एवं चयनित स्थानों पर नारंगी, माल्टा, कागजी नींबू, तेजपत्ता सहित विभिन्न फलदार एवं उपयोगी पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाया। कुल 21 किसानों ने इस अभियान में सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को मृदा संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बढ़ते जलवायु परिवर्तन और घटते प्राकृतिक संसाधनों के बीच वृक्षारोपण ही पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम है। वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें ताकि वे भविष्य में फलदार वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हों।
विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तराखण्ड का पारंपरिक हरेला पर्व केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। ऐसे आयोजनों से समाज में हरियाली बढ़ाने, जैव विविधता के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करने का संदेश मिलता है।
ग्रामीणों एवं किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।



