युवाओं ने पेश किए नवाचार आधारित बिजनेस आइडिया
CNE REPORTER, पिथौरागढ़। उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के अंतर्गत भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आवासीय उद्यमिता बूट कैंप का गुरुवार को सफल समापन हो गया। 8 से 10 जुलाई तक ईटीसी, थरकोट (पिथौरागढ़) में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों से चयनित 48 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं की गहन जानकारी प्राप्त की।

समापन दिवस पर प्रतिभागियों ने तीन दिनों के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने नवाचार आधारित व्यावसायिक विचारों (बिजनेस आइडिया) को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने बिजनेस मॉडल तैयार करने, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) एवं लाइसेंसिंग, बिजनेस पिचिंग तथा स्टार्टअप विकास से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए विशेषज्ञों के समक्ष अपने प्रस्ताव रखे। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
इस बूट कैंप में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सितारगंज, एसएसजे कैंपस, चम्पावत तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बेरीनाग से चयनित 22 छात्र एवं 26 छात्राओं सहित कुल 48 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने आगामी छह दिवसीय एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (ईडीपी) में चयन के उद्देश्य से पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप टी-शर्ट देकर सम्मानित भी किया गया।
तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप का उद्देश्य राज्य के युवाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित करना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं स्टार्टअप संस्कृति के प्रति प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को व्यवसायिक अवसरों की पहचान, डिजाइन थिंकिंग, बिजनेस आइडिया डेवलपमेंट, मार्केट एनालिसिस, वित्तीय प्रबंधन, फंडिंग के स्रोत, विभिन्न शासकीय योजनाओं, बिजनेस पिचिंग स्किल्स तथा गो-टू-मार्केट रणनीतियों सहित उद्यमिता के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
ईडीआईआई के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान एवं क्षेत्रीय उत्पादों पर आधारित नवाचारपूर्ण उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। विद्यार्थियों ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम को अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों को भविष्य में भी आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में ईडीआईआई के उद्यमिता विशेषज्ञ डॉ. रजत शर्मा तथा प्रोजेक्ट अधिकारी दिग्विजय सिंह (टिहरी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, ईटीसी पिथौरागढ़ के ईटीओ पंकज पंत एवं केंद्र के समस्त कर्मचारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के आयोजक भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद ने कहा कि देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करते हैं। इससे उत्तराखंड में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य का उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र और अधिक मजबूत एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा।



