जनजीवन बेहाल, व्यापारियों और ग्रामीणों में रोष
सीएनई रिपोर्टर, कपकोट/बागेश्वर : जिले के कपकोट और बागेश्वर क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। कपकोट के भराड़ी बाजार में करीब 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से 200 से अधिक व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, वहीं बागेश्वर के सूरजकुंड कठायतबाड़ा गांव में पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। दोनों मामलों में लोगों ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है।

नगर पंचायत क्षेत्र के भराड़ी बाजार में सोमवार अपराह्न करीब ढाई बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो मंगलवार अपराह्न लगभग साढ़े बारह बजे बहाल हो सकी। करीब 20 घंटे तक बिजली न रहने से बाजार के 200 से अधिक व्यापारियों का कारोबार प्रभावित रहा।
व्यापारियों ने बताया कि लंबे समय तक बिजली गुल रहने से फ्रीजर और रेफ्रिजरेटर बंद पड़े रहे, जिससे दूध, दही, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक सहित अन्य जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री खराब हो गई। बिजली पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से संचालित कारोबार भी पूरी तरह ठप हो गया। इससे व्यापारियों को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
बिजली आपूर्ति ठप रहने का असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर भी पड़ा। पेयजल आपूर्ति बाधित रही, मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो सके और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित रहीं। रातभर बाजार अंधेरे में डूबा रहने से लोगों में चोरी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भय का माहौल बना रहा।
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने ऊर्जा निगम से विद्युत व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
ऊर्जा निगम का पक्ष
ऊर्जा निगम के जूनियर इंजीनियर कैलाश चंद्र उप्रेती ने बताया कि खराबी वाले स्थान पर सोमवार देर रात मरम्मत कार्य करना सुरक्षा की दृष्टि से संभव नहीं था। इसलिए मंगलवार दिन में लाइन की मरम्मत कर विद्युत आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
सूरजकुंड कठायतबाड़ा में दो दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
उधर बागेश्वर क्षेत्र के सूरजकुंड कठायतबाड़ा गांव में पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बंद है। नलों में पानी नहीं आने से ग्रामीणों को पीने के पानी सहित दैनिक जरूरतों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ पानी की जरूरत भी बढ़ गई है, लेकिन दो दिनों से घरों में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है। मजबूरी में लोगों को दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
शिकायतों के बाद भी नहीं पहुंची टीम
ग्रामीणों के अनुसार पेयजल संकट की सूचना कई बार संबंधित विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही समस्या का समाधान किया गया। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
महिलाओं ने बताया कि दिनभर पानी की व्यवस्था करने में समय निकल जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। पानी की कमी से खेती और पशुपालन भी प्रभावित हो रहा है। सभासद ललित तिवारी ने जल संस्थान से तत्काल टीम भेजकर पेयजल लाइन की जांच कराने और आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
इधर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता दीनदयाल टम्टा ने बताया कि विभाग मामले को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही समस्या का समाधान कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
मूलभूत सुविधाओं पर उठे सवाल
जिले के दो अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के ठप होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। एक ओर व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, तो दूसरी ओर ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी समस्याओं ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और त्वरित आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इन समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।



