HomeUttarakhandBageshwarडायट में पांच दिवसीय बाल पत्रिका एवं दीवार पत्रिका कार्यशाला संपन्न

डायट में पांच दिवसीय बाल पत्रिका एवं दीवार पत्रिका कार्यशाला संपन्न

प्रशिक्षुओं ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर में आयोजित पांच दिवसीय बाल पत्रिका एवं दीवार पत्रिका निर्माण कार्यशाला का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। 29 जून से 3 जुलाई तक आयोजित इस कार्यशाला में डीएलएड के 54 प्रशिक्षुओं ने भाग लेकर साहित्य, लेखन, संपादन और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विभिन्न आयामों में अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

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कार्यशाला का उद्देश्य भावी शिक्षकों में सृजनात्मक लेखन, संपादन कौशल, भाषा दक्षता और प्रभावी प्रस्तुतीकरण की क्षमता विकसित करना था। पांच दिनों तक चले प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने बाल पत्रिका एवं दीवार पत्रिकाओं का निर्माण किया तथा कविता, कहानी, निबंध, यात्रा-वृत्तांत और डायरी लेखन जैसी विभिन्न साहित्यिक विधाओं में अपनी मौलिक रचनाएं तैयार कीं।

प्रशिक्षुओं ने केवल लेखन तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि विषय-वस्तु के प्रभावी प्रस्तुतीकरण, नाट्य मंचन, समूह गतिविधियों और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी अपनी कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति क्षमता का परिचय दिया। समापन समारोह में प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई बाल एवं दीवार पत्रिकाओं की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे अतिथियों, विशेषज्ञों और शिक्षकों ने सराहा।

कार्यशाला के मुख्य संदर्भदाता एवं बालप्रहरी के प्रधान संपादक उदय किरौला ने कहा कि बाल पत्रिका बच्चों की कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता और अभिव्यक्ति को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने भावी शिक्षकों से विद्यालयों में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को पहचानने और उन्हें अपनी अभिव्यक्ति के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के समन्वयक रवि कुमार जोशी ने बताया कि कार्यशाला का मूल उद्देश्य प्रशिक्षुओं में सृजनात्मक लेखन, संपादन, प्रस्तुतीकरण और भाषा कौशल का विकास करना था। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और समर्पण के साथ गतिविधियों में भाग लेकर कार्यशाला को सफल बनाया।

समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए डायट प्राचार्य चक्षुष्पति अवस्थी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अनुभवात्मक अधिगम और नवाचार आधारित शिक्षण पर विशेष बल देती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं भावी शिक्षकों को विद्यालयों में रचनात्मक और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलती है।

समारोह के दौरान प्रतिभागियों द्वारा तैयार बाल पत्रिकाओं, दीवार पत्रिकाओं एवं अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया गया। सभी प्रशिक्षुओं के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार पांडे, डॉ. के.एस. रावत, डॉ. राजीव जोशी, डॉ. बी.डी. पांडे, पूजा लोहुमी, डॉ. संदीप कुमार जोशी, कैलाश प्रकाश चंदोला, डॉ. दीपा जोशी पाण्डेय, डॉ. भुवन चन्द्र, डॉ. उर्मिला बिष्ट कन्याल, डॉ. हरीश चन्द्र जोशी, डॉ. सी.एम. जोशी, डॉ. दया सागर, रुचि पाठक सहित संस्थान के समस्त प्रवक्ता, कर्मचारी एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

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