शराब के नशे में युवती से छेड़छाड़ और मारपीट
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का महा-एक्शन
सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल/भवाली। विश्व प्रसिद्ध नीम करोली बाबा के पावन धाम, कैंची धाम स्थापना दिवस की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात ड्यूटी में तैनात दो पुलिसकर्मियों ने खाकी को बेहद शर्मसार कर देने वाली करतूत को अंजाम दिया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर रात्रि ड्यूटी के दौरान अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करने, एक होमस्टे संचालक के परिवार की युवती के साथ छेड़छाड़ करने तथा परिजनों व स्थानीय लोगों के साथ अभद्रता व मारपीट करने के बेहद गंभीर और आपराधिक आरोप लगे हैं।

मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अनुशासनहीनता और नशाखोरी के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोनों आरोपियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर पुलिस हिरासत में ले लिया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर कोतवाली भवाली में भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं में नामजद फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
होमस्टे में शराब पीकर की गुंडई, स्थानीय लोगों ने बनाया वीडियो
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैंची धाम स्थापना दिवस के महामेले की सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अन्य जिलों से भी पुलिस बल को बुलाया गया था। इसी ड्यूटी के तहत उधम सिंह नगर जिले से आए अपर उपनिरीक्षक जगदीश प्रसाद (थाना केलाखेड़ा) और हेड कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार (थाना गदरपुर) क्षेत्र के एक होमस्टे में रुके हुए थे।
आरोप है कि रात्रि ड्यूटी के दौरान दोनों ने अत्यधिक शराब का सेवन किया और पूरी तरह नशे में धुत हो गए। इसी बीच उन्होंने होमस्टे संचालक के परिवार की एक युवती के साथ सरेआम छेड़छाड़ शुरू कर दी। जब युवती के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो दोनों पुलिसकर्मियों ने वर्दी के रौब में आकर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
हंगामा बढ़ते ही मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों की इस शर्मनाक करतूत की वीडियोग्राफी कर ली।
वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कराया अल्कोहल टेस्ट
धार्मिक और संवेदनशील ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की इस गुंडागर्दी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सर्किल ऑफिसर, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों की संयुक्त पुलिस टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और मामले की बारीकी से जांच की।
प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर, स्थानीय लोगों की मौजूदगी और पूरी पारदर्शिता के साथ वीडियोग्राफी के बीच दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों का तत्काल मेडिकल और अल्कोहल टेस्ट कराया गया। मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट में दोनों पुलिसकर्मियों के द्वारा भारी मात्रा में शराब का सेवन किए जाने की आधिकारिक पुष्टि हो गई, जिसके बाद बिना कोई देरी किए दोनों को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया।
बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू
इस शर्मनाक घटना के बाद पुलिस प्रशासन बेहद सख्त रुख अख्तियार किए हुए है। दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई अत्यंत तीव्र गति से प्रारंभ कर दी गई है। निलंबन की कार्रवाई के अतिरिक्त, इनके खिलाफ कठोरतम विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिसके अंतर्गत इन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त तक किया जा सकता है।
इसके साथ ही, संबंधित पुलिसकर्मियों के मूल जनपद उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी इस पूरे घटनाक्रम और उनके आपराधिक कृत्य की विस्तृत रिपोर्ट आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कड़ा संदेश: “कानून सबके लिए समान है”
इस महा-एक्शन के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है।
“धार्मिक ड्यूटी या किसी भी अन्य आधिकारिक जिम्मेदारी के दौरान नशाखोरी, अनुशासनहीनता, अभद्रता या किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून सबके लिए बिल्कुल समान है, चाहे वह कोई आम नागरिक हो या फिर खाकी वर्दीधारी पुलिसकर्मी। यदि भविष्य में भी किसी पुलिसकर्मी ने ड्यूटी के दौरान मर्यादा लांघी या अनुशासनहीनता की, तो उसके खिलाफ भी तत्काल फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजने जैसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”


