विश्वविद्यालय के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय
प्रो. जया उप्रेती के कुशल निर्देशन में हुआ शोध
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के गणित विभाग के इतिहास में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई। विभाग की प्रथम पीएच.डी. उपाधि शोधार्थी डॉ. पुष्पा बोरा को प्रदान की गई। विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद गणित विभाग से पहली बार किसी शोधार्थी को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान किए जाने को शैक्षणिक एवं शोध जगत में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय और गणित विभाग दोनों का गौरव बढ़ा है।

डॉ. पुष्पा बोरा ने अपना शोधकार्य गणित विभाग की वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं पूर्व गणित विभागाध्यक्ष प्रो. जया उप्रेती के निर्देशन में पूर्ण किया। प्रो. उप्रेती विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय की पूर्व अधिष्ठाता, पूर्व गणित विभागाध्यक्ष तथा पूर्व छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुकी हैं। उनके मार्गदर्शन में संपन्न यह शोधकार्य गणित एवं अवकल ज्यामिति (डिफरेंशियल ज्योमेट्री) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
पीएच.डी. शोधकाल के दौरान डॉ. पुष्पा बोरा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार की WISE-KIRAN योजना के अंतर्गत महिला वैज्ञानिक के रूप में भी कार्य किया। इस अवधि में उन्होंने शोध, शिक्षण एवं अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपने शोध कार्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी इस उपलब्धि को महिला शोधार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
पीएच.डी. की मौखिक परीक्षा (वाइवा-वोसे) के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलसचिव डॉ. डी.एस. बिष्ट, एस.एस.जे. परिसर के निदेशक प्रो. पी.एस. बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में अकादमिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
बाह्य परीक्षक ने सराहा शोध की गुणवत्ता
वाइवा-वोसे के बाह्य परीक्षक के रूप में प्रो. राजेन्द्र प्रसाद उपस्थित रहे। उन्होंने शोधकार्य का गहन मूल्यांकन करने के बाद इसकी गुणवत्ता की सराहना की। प्रो. प्रसाद ने कहा कि यह शोध गणित के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है और भविष्य में इस विषय पर होने वाले अनुसंधानों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने डॉ. पुष्पा बोरा को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
कुलपति ने बताया विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने डॉ. पुष्पा बोरा को बधाई देते हुए कहा कि गणित विभाग से प्रथम पीएच.डी. उपाधि प्रदान किया जाना विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा प्रदान करेगी तथा अन्य शोधार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।
डॉ. पुष्पा बोरा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शोध निर्देशक प्रो. जया उप्रेती, विश्वविद्यालय प्रशासन, बाह्य परीक्षक प्रो. राजेन्द्र प्रसाद, गणित विभाग के शिक्षकों, परिवारजनों तथा अपने सहयोगियों को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के बिना इस उपलब्धि को हासिल करना संभव नहीं था।
शोध इतिहास में जुड़ा नया अध्याय
गणित विभाग की प्रथम पीएच.डी. उपाधि प्रदान होने के साथ ही सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक एवं शोध इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति को मजबूत करेगी, बल्कि आने वाले समय में शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी। विश्वविद्यालय समुदाय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. पुष्पा बोरा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


