पुलिसिया धौंस : विभाग में तैनात हैं छात्र के पिता और मामा
सीसीटीवी में कैद हुई छात्र की हरकत
काली पट्टी बांधकर शिक्षकों का प्रदर्शन
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पूरा वीडियो यहाँ देखें (30 Sec)CNE REPORTER : राजधानी देहरादून के पिट्ठूवाला स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान में परीक्षा के दौरान अनुशासनहीनता और नकल रोकने का एक गंभीर मामला सामने आया है। संस्थान में छात्र को अनुचित साधनों का प्रयोग करने से रोकने पर छात्र के परिजनों ने कॉलेज परिसर में घुसकर शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ जमकर मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

राजकीय पॉलिटेक्निक पिट्ठूवाला में 4 जून को परीक्षा आयोजित की जा रही थी। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, फाइनल ईयर सिविल इंजीनियरिंग का छात्र कबीर कंडवाल अपनी सीट पर बैठने के बजाय पीछे बैठे सेकेंड ईयर आईटी के छात्र से बार-बार बात करने का प्रयास कर रहा था। वह न सिर्फ बार-बार पीछे मुड़ा बल्कि अपनी सीट से उठकर दूसरे छात्र के पास भी पहुंच गया। कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी गतिविधि रिकॉर्ड हो गई।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद परीक्षा नियंत्रण समिति ने छात्र को बुलाकर पूछताछ की। कॉलेज स्टाफ के मुताबिक, जब छात्र से लिखित माफीनामा मांगा गया, तो उसने शिक्षकों को डराते हुए कहा कि उसके पिता पुलिस में हैं। इसके बावजूद, शिक्षकों ने छात्र के भविष्य और फाइनल ईयर का ध्यान रखते हुए उसे दोबारा परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी ताकि उसका करियर खराब न हो।

परिजनों का कॉलेज में धावा और नियंत्रण कक्ष में मारपीट
शिक्षकों की इस नरमी के विपरीत, 5 जून को छात्र कबीर कंडवाल अपने माता-पिता, मामा और कुछ महिलाओं के साथ कॉलेज पहुंच गया। शिक्षकों का आरोप है कि ये लोग सीधे परीक्षा नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) में दाखिल हुए और वहां मौजूद शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। इस दौरान कमरे में रखी कुर्सियों से भी शिक्षकों पर हमला किया गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है।
मामले में शामिल छात्र के पिता महेश कंडवाल उत्तराखंड पुलिस के संचार विभाग में दरोगा के पद पर तैनात हैं। हाल ही में उन्होंने लखनऊ में आयोजित मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक जीता था। वहीं छात्र के मामा एसटीएफ (STF) में तैनात हैं और वर्तमान में देहरादून में ही पोस्टेड हैं। घटना के समय उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, जिसे कॉलेज स्टाफ बिजली विभाग का जेई बता रहा है।
वीडियो बनाने पर बढ़ा विवाद, महिला शिक्षकों से भी अभद्रता
कंट्रोल रूम में जब मारपीट और हंगामा शुरू हुआ, तो कुछ कॉलेज कर्मचारियों ने अपने मोबाइल से घटना की रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। वीडियो बनता देख आरोपी पक्ष और भड़क गया और उन्होंने फोन बंद कराने के लिए धक्का-मुक्की की। कर्मचारियों का आरोप है कि साथ आई महिलाओं ने महिला शिक्षकों के साथ भी मारपीट की। पुलिस अब इसी मोबाइल और सीसीटीवी वीडियो को जांच में मुख्य साक्ष्य मान रही है।
इस हिंसक घटना के विरोध में शनिवार को संस्थान के सभी शिक्षक और कर्मचारी हाथों में काली पट्टी बांधकर कॉलेज पहुंचे। उन्होंने शैक्षणिक संस्थान में घुसकर की गई इस मारपीट की कड़े शब्दों में निंदा की। शिक्षकों का कहना है कि जिस छात्र का भविष्य बचाने के लिए उन्होंने कानूनी कार्रवाई नहीं की, उसी के परिवार ने उन पर जानलेवा हमला किया। शिक्षक संगठन ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
विवाद के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि मामले में दोनों ही पक्षों ने पटेल नगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। छात्र के परिजनों का आरोप है कि शिक्षकों ने परीक्षा के दौरान उनके बेटे के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया था। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज व गवाहों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है।


