जानिए आपके राज्य में कब बरसेगा अमृत
नई दिल्ली/देहरादून। भीषण गर्मी और लू से तपते भारत के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ चुकी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 3 दिन की देरी से ही सही, लेकिन धमाकेदार अंदाज में 4 जून 2026 को केरल के तट पर दस्तक दे दी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की यह एंट्री देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून की तेज आंधी और भारी बारिश के साथ हुई है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, आगामी 2 से 3 दिनों में मानसून कर्नाटक तट, गोवा और महाराष्ट्र को कवर करते हुए आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही देश के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।
उत्तराखंड : मानसून का काउंटडाउन
देवभूमि उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी और पूर्वानुमान जारी किया है। वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां उग्र रूप ले चुकी हैं।
- भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट: IMD ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश, तेज अंधड़ और ओलावृष्टि (Hailstorm) को लेकर अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने से भूस्खलन और संवेदनशील रास्तों पर यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- उत्तराखंड में कब पहुंचेगा मानसून?: केरल में 4 जून को एंट्री के बाद मानसून को उत्तर भारत तक पहुंचने में आमतौर पर 15 से 20 दिन का समय लगता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 20 से 25 जून के बीच मानसून के उत्तराखंड में प्रवेश करने की प्रबल संभावना है। तब तक पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून बौछारें राज्य में तापमान को नियंत्रित रखेंगी।
‘क्यूम्युलोनिम्बस बादलों’ का तांडव: दिल्ली में गिरे पेड़, MP में 70kmph की आंधी
मानसून की आहट के साथ ही देश के मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड्स (CB Clouds) यानी ‘मौसम के पावरहाउस’ सक्रिय हो गए हैं। इन्हीं बादलों के कारण देश के कई हिस्सों में अचानक भयंकर तबाही जैसी स्थिति देखने को मिली:
- दिल्ली-NCR: गुरुवार दोपहर अचानक छाए घने काले अंधेरे के बाद 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने फिल्म सिटी समेत कई इलाकों में पेड़ों को उखाड़ दिया, जो कारों पर जा गिरे। सड़कों पर जलभराव से भारी जाम लग गया। दिल्ली में आगामी दो दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी है।
- मध्य प्रदेश: एमपी के कई जिलों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण 200 से अधिक स्थानों पर पेड़ और टहनियां टूटकर गिर गईं।
अगले दो हफ्तों का रिपोर्ट कार्ड: कहां राहत, कहां आफत?
मौसम विभाग ने जून के शुरुआती दो हफ्तों के लिए विस्तृत रोडमैप जारी किया है:
| क्षेत्र/हफ्ता | पहला हफ्ता (4 से 10 जून) | दूसरा हफ्ता (11 से 17 जून) |
| उत्तराखंड व हिमाचल | हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना। | पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने से केवल छिटपुट और हल्की बारिश। |
| केरल व दक्षिण भारत | अलप्पुझा, कोट्टायम में ऑरेंज अलर्ट (11-20 cm बारिश); तटीय कर्नाटक व तमिलनाडु में भारी बारिश। | मानसून आगे बढ़ेगा; तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में सामान्य या अधिक बारिश। |
| उत्तर व पूर्वी भारत (यूपी-बिहार) | बिहार और यूपी के कुछ हिस्सों में 6 से 10 जून के बीच लू (Heatwave) का प्रकोप बना रहेगा। | लू से बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने से उमस भरी भीषण गर्मी होगी। |
बड़ी बात: बीते एक सप्ताह (28 मई से 3 जून) में देश के भीतर सामान्य से 10% कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में जहां 51% की भारी कमी रही, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत (जिसमें उत्तराखंड का क्षेत्र भी शामिल है) में सामान्य से 74% अधिक प्री-मानसून बारिश दर्ज की जा चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार, दूसरे हफ्ते (11-17 जून) के दौरान स्थितियां और अनुकूल होंगी, जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र के बचे हुए हिस्सों, पूरे तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और मध्य व पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों की तरफ तेजी से कदम बढ़ाएगा।
नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए मौसम विभाग (IMD) का ताजा अनुमान
वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के कारण इन जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे जून की शुरुआत में ही हल्की ठंडक का अहसास हो रहा है।
जिलों के अनुसार मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान
- 1. नैनीताल (झीलों की नगरी में अंधड़ का अलर्ट)
- अगले 48 घंटे: आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी (Thundersquall), बिजली चमकने और तीव्र बौछारें पड़ने की आशंका है।
- तापमान: अधिकतम 25°C से 26°C और न्यूनतम 15°C के आसपास रहेगा, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।
- 7 जून से: मौसम साफ होने लगेगा और धूप खिलेगी।
- 2. अल्मोड़ा (भारी बारिश के बाद खिली ठंडक)
- ताजा स्थिति: पिछले दिनों हुई भारी बारिश (30 मिमी तक) के कारण अल्मोड़ा और आसपास के इलाकों (रानीखेत, द्वाराहाट) में तापमान तेजी से गिरा है, जिससे जून के महीने में भी लोगों को हल्के गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं।
- पूर्वानुमान: आगामी 2 दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना बनी हुई है। इसके बाद मौसम शुष्क हो जाएगा।
- 3. बागेश्वर और 4. पिथौरागढ़ (6 जून को विशेष अलर्ट)
- 6 जून (शनिवार) का विशेष अलर्ट: मौसम विभाग ने बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए शनिवार को विशेष चेतावनी जारी की है। इन दोनों जिलों में कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और भारी बारिश हो सकती है।
- पिथौरागढ़ (सीमांत क्षेत्र): ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में अचानक तेज बारिश से भूस्खलन की आशंका रहती है। पिथौरागढ़ में अगले दो दिन रात का तापमान 13°C से 15°C के बीच रहने से रातें ठंडी रहेंगी।
इन जिलों में मानसून कब पहुंचेगा?
चूंकि ये चारों जिले उत्तराखंड के पूर्वी और दक्षिणी छोर (कुमाऊं मंडल) में आते हैं, इसलिए नेपाल के रास्ते आगे बढ़ने वाली मानसून की शाखा सबसे पहले इन्हीं क्षेत्रों को छूती है।
संभावित तारीख: केरल में 4 जून की एंट्री के बाद, इन चारों जिलों में मानसून के 20 से 24 जून 2026 के बीच पहुंचने का अनुमान है।


