पर्स में थी नगदी व जरूरी दस्तावेज
श्रद्धालु ने जताया पुलिस का आभार
सीएनई रिपोर्टर, भवाली (नैनीताल)। विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के धाम ‘कैंची धाम’ दर्शन करने पहुंचे एक श्रद्धालु के लिए नैनीताल पुलिस के जवान मददगार साबित हुए। भवाली क्षेत्र में गुम हुआ श्रद्धालु का कीमती पर्स यातायात पुलिस ने अपनी तत्परता और ईमानदारी से खोज निकाला और उसे सकुशल मालिक के सुपुर्द कर दिया। अपना खोया सामान वापस पाकर पीड़ित यात्री के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने पुलिस प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।

उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर के ग्राम पुवायां आलमपुर निवासी सोनू पुत्र सन्त्रेष इन दिनों देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल जनपद स्थित कैंची धाम मंदिर में दर्शन करने आए थे। इसी यात्रा के दौरान भवाली क्षेत्र में उनका पर्स अचानक कहीं गिर गया। पर्स के भीतर करीब 4,000 की नगदी के साथ-साथ उनके कई अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और कानूनी दस्तावेज मौजूद थे। काफी खोजबीन के बाद भी पर्स न मिलने पर यात्री असमंजस और चिंता की स्थिति में था।
मामले की भनक लगते ही क्षेत्र में मुस्तैद यातायात पुलिस के जवान तुरंत सक्रिय हो उठे। ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल मनोज पंत और हेड कांस्टेबल अमर सिंह ने बिना समय गंवाए संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन अभियान चलाया। दोनों जवानों की सजगता के चलते कुछ ही समय में उक्त पर्स को सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुए जरूरी सत्यापन प्रक्रिया पूरी की और पीड़ित सोनू को उनके गंतव्य पर बुलाकर उनका सामान सौंप दिया।
अपना खोया हुआ पर्स, नकदी और सुरक्षित दस्तावेज हाथ में पाकर श्रद्धालु सोनू भावुक हो उठे। उन्होंने नैनीताल पुलिस और विशेषकर यातायात विभाग के सजग कर्मचारियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। सोनू ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस की इस तत्परता और ईमानदारी ने यह साबित कर दिया है कि मित्र पुलिस सचमुच जनता की सच्ची रक्षक है। इधर, स्थानीय स्तर पर भी जवानों के इस सराहनीय कार्य को खाकी के मानवीय चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।
जनसेवा और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता
नैनीताल पुलिस प्रशासन ने इस घटनाक्रम पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, सहायता तथा जनसेवा ही उनका परम ध्येय है। पुलिस की पूरी टीम इस प्रकार के सेवा कार्यों के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है ताकि देवभूमि आने वाले किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को किसी भी विषम परिस्थिति का सामना न करना पड़े।


