दो की हालत नाजुक, हायर सेंटर रेफर
राहत दल ने संभाला मोर्चा, 5 लोग जख्मी
CNE REPORTER, रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पर्वतीय मार्गों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनपद मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित नरकोटा क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक सैन्य वाहन (आर्मी ट्रक) और हुंडई औरा कार के बीच आमने-सामने की इतनी जोरदार भिड़ंत हुई कि टक्कर की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। हादसा दोपहर करीब 12 बजे का बताया जा रहा है। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चीख-पुकार मच गई।

हादसे के ठीक बाद घटना स्थल पर भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तत्परता दिखाई और पुलिस व राहत बचाव दल को सूचित करते हुए खुद भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कार के मलबे में फंसे घायलों को बाहर निकाला। तत्काल 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को कॉल किया गया, जिसके जरिए सभी पांच घायलों को तुरंत जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में भर्ती कराया गया।
अस्पताल से मिल रही शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घायलों में से दो की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए तत्काल बेस अस्पताल श्रीनगर (गढ़वाल) रेफर कर दिया है।
गंभीर रूप से घायलों की पहचान चमोली जिले के थराली (देवाल) निवासी 25 वर्षीय कार चालक जितेंद्र सिंह पुत्र महेंद्र सिंह और लोहाजंग (चमोली) निवासी 40 वर्षीय सुशीला देवी पत्नी हयात राम के रूप में हुई है।
तीन अन्य घायल जिला अस्पताल में भर्ती
इस दुर्घटना में तीन अन्य सहयात्री भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज फिलहाल जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में ही चल रहा है। इन घायलों में चांदपुर गढ़ी निवासी 45 वर्षीय शांति देवी पत्नी अर्जुन शर्मा, लोहाजंग निवासी 14 वर्षीय हिमांशु पुत्र हयात सिंह और चांदपुर गढ़ी निवासी 15 वर्षीय भावेश पुत्र अर्जुन शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार इनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
जांच में जुटी पुलिस, हादसे के कारणों की तलाश
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू करवाया और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। क्या यह हादसा ओवरटेकिंग की वजह से हुआ या किसी वाहन की तेज रफ्तार इसका कारण बनी, यह विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा।
हादसों पर नहीं लग रहा ब्रेक
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तराखंड परिवहन विभाग प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए युद्धस्तर पर जन जागरूकता अभियान चला रहा है।
बड़ी चुनौती: राज्य सरकार ने ओवर स्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के लिए प्रदेश के बॉर्डर एरिया सहित तमाम संवेदनशील और महत्वपूर्ण जगहों पर हाईटेक एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनाइजेशन) कैमरे स्थापित किए हैं। इन कैमरों के जरिए धड़ाधड़ चालान भी काटे जा रहे हैं और एनफोर्समेंट की कार्रवाई पर पूरा जोर दिया जा रहा है। लेकिन इन तमाम हाईटेक बंदोबस्तों और कोशिशों के बावजूद पहाड़ों की घुमावदार सड़कों पर रफ्तार का जानलेवा खेल बंद नहीं हो रहा है, जो कि बेहद चिंता का विषय है।


